मुजफ्फरनगर। लखनऊ के अलीगंज में हुए अग्निकांड के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। बुधवार से शुरू हुआ जांच अभियान गुरुवार को भी लगातार जारी रहा। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक अस्पतालों, नर्सिंग होम और कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी, भवन सुरक्षा और आपातकालीन निकास व्यवस्थाओं की विस्तृत जांच की गई। जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर दो अस्पतालों के बेसमेंट सील कर दिए गए, जबकि कई संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं। खतौली में एक कोचिंग सेंटर को भी तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया।
जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीमों ने प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों और शैक्षणिक केंद्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि जन सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

शहर क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान सदर बाजार स्थित आत्रेय हॉस्पिटल और भोपा रोड स्थित आनंद हॉस्पिटल के बेसमेंट में गंभीर खामियां पाई गईं। सुरक्षा मानकों की अनदेखी मिलने पर दोनों अस्पतालों के बेसमेंट को सील कर दिया गया। वहीं पवार हॉस्पिटल और मनोरमा हॉस्पिटल में भी कई कमियां सामने आने पर संचालकों को नोटिस जारी कर तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
इसी क्रम में खतौली में एसडीएम डॉ. ललित शर्मा और सीओ रूपाली रॉय चौधरी के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने पैठ रोड स्थित एक निजी अस्पताल का निरीक्षण किया। इसी भवन की दूसरी मंजिल पर चल रहे एक कोचिंग सेंटर में फायर सेफ्टी समेत कई जरूरी सुरक्षा इंतजाम अनुपस्थित पाए गए, जिसके बाद उसे मौके पर ही सील कर दिया गया।

प्रशासनिक अभियान का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। खबर लिखे जाने तक मंसूरपुर क्षेत्र में भी अस्पतालों और कोचिंग संस्थानों की जांच जारी थी। टीम द्वारा अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास व्यवस्था, बिजली सुरक्षा और संबंधित विभागों से प्राप्त एनओसी की भी गहन जांच की जा रही है।
अधिकारियों ने कहा है कि जिलेभर में संचालित सभी अस्पतालों, कोचिंग सेंटरों और भीड़भाड़ वाले प्रतिष्ठानों का चरणबद्ध निरीक्षण किया जाएगा। उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में लखनऊ जैसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और सभी संस्थान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करें।