छत्तीसगढ़। बस्तर संभाग में नक्सल विरोधी अभियानों को नई दिशा देने वाले आईजी सुंदरराज पी का कार्यकाल पूरा होने के बाद राज्य सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल किया है। सरकार ने उन्हें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में पदस्थ किया है, जबकि उनके स्थान पर बीएन मीणा को बस्तर रेंज का नया आईजी नियुक्त किया गया है। इस संबंध में आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।

सुंदरराज पी को करीब सात वर्ष पहले बस्तर संभाग में आईजी के रूप में तैनात किया गया था। इस दौरान उन्होंने नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, पुलिस कैंपों के विस्तार और अंदरूनी क्षेत्रों में प्रशासन की पहुंच बढ़ाने जैसे कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। उनके कार्यकाल में सुरक्षा बलों को कई बड़ी सफलताएं मिलीं, जिनमें शीर्ष नक्सली नेताओं के खिलाफ कार्रवाई और आत्मसमर्पण की घटनाएं शामिल रहीं।

सूत्रों के अनुसार, इस अवधि में बड़ी संख्या में नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण किया, जबकि कई मुठभेड़ों में संगठन को बड़ा नुकसान पहुंचा। पुलिस के बढ़ते दबाव के चलते नक्सलियों की गतिविधियों पर भी असर देखने को मिला। इन अभियानों और रणनीतियों के चलते सरकार ने उन्हें केंद्रीय एजेंसी एनआईए में जिम्मेदारी देने का निर्णय लिया है।

दूसरी ओर, बस्तर रेंज के नए आईजी बनाए गए बीएन मीणा पहले भी बस्तर में एसपी के रूप में कार्य कर चुके हैं। स्थानीय परिस्थितियों और क्षेत्र की भौगोलिक व सामाजिक चुनौतियों की उनकी गहरी समझ को देखते हुए सरकार ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है।

अधिकारियों का मानना है कि बीएन मीणा के अनुभव और पहले के कार्यकाल को देखते हुए आने वाले समय में नक्सल विरोधी अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। सरकार को उम्मीद है कि नए नेतृत्व में बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी तथा नक्सल गतिविधियों पर और अधिक नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।