जयपुर में नूरानी मस्जिद के ध्वस्तीकरण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तेजी से राजनीतिक रंग लेता जा रहा है। राजस्थान मुस्लिम फोरम के सदस्य मुहम्मद साजिद सरई द्वारा राज्य सरकार और जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) पर ‘स्टेट स्पॉन्सर्ड टेररिज्म’ और ‘जेडीए टेररिज्म’ जैसे गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद माहौल और गर्म हो गया है।
साजिद सरई ने आरोप लगाया था कि प्रदेश में संविधान की भावना के अनुरूप काम नहीं हो रहा है और सरकार कुछ राज्यों के मॉडल को अपनाने की कोशिश कर रही है। उनके इस बयान पर जयपुर के सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
कानून के तहत हुई कार्रवाई: विधायक
गोपाल शर्मा ने कहा कि जेडीए और प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी को आपत्ति थी, तो नोटिस मिलने के बाद कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जा सकता था। उनके अनुसार, सभी कार्रवाई नियमानुसार नोटिस और प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई है।
“अपराध पर कार्रवाई होगी”: गोपाल शर्मा
मुस्लिम फोरम के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक ने कहा कि यदि अपराध पर सख्त कार्रवाई को किसी मॉडल के तौर पर देखा जा रहा है, तो इसमें आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण या कानून तोड़ने पर कार्रवाई तय है और जरूरत पड़ने पर बुलडोजर की कार्रवाई भी की जाएगी।
समाज को लेकर बयान
गोपाल शर्मा ने यह भी कहा कि मुस्लिम समाज का बड़ा हिस्सा शिक्षा, रोजगार और विकास चाहता है, लेकिन कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार सभी वर्गों के विकास के लिए समान रूप से काम कर रही है और किसी भी समुदाय के खिलाफ कोई भेदभाव नहीं किया जा रहा।
मामला गरमाया, बयानबाजी तेज
नूरानी मस्जिद ध्वस्तीकरण को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक और वैचारिक बहस में बदल चुका है। एक तरफ मुस्लिम फोरम सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठा रहा है, तो दूसरी ओर भाजपा नेता इसे पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बता रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और तीखी राजनीतिक बयानबाजी की संभावना जताई जा रही है।