उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने एनआरएचएम घोटाले के एक प्रमुख आरोपी और पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव उर्फ ज्ञानेंद्र प्रताप श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई लखनऊ सेक्टर की विजिलेंस टीम द्वारा गुरुवार को की गई।
जानकारी के अनुसार आरोपी पर अपने विधायक कार्यकाल के दौरान आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का गंभीर आरोप है। विजिलेंस जांच में पाया गया कि 6 मार्च 2012 से 11 मार्च 2017 तक विधायक रहते हुए उनकी घोषित आय और वास्तविक संपत्ति में बड़ा अंतर सामने आया। प्रारंभिक जांच में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध की पुष्टि होने के बाद गिरफ्तारी की गई।
एजेंसी के मुताबिक मुकेश श्रीवास्तव के खिलाफ केवल आय से अधिक संपत्ति का मामला ही नहीं, बल्कि एनआरएचएम घोटाले से जुड़े तीन अन्य मुकदमे भी दर्ज हैं। इन मामलों में वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग की जांच की जा रही है।
विजिलेंस की जांच में यह भी सामने आया है कि वर्ष 2017-18 से 2021-22 के बीच श्रावस्ती और बलरामपुर जिलों में एनआरएचएम से संबंधित कई परियोजनाओं में अनियमितताएं पाई गई थीं। इन मामलों में भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और सरकारी धन के दुरुपयोग जैसे आरोप शामिल हैं।
इसके अलावा वर्ष 2025 में अयोध्या सेक्टर में भी एनआरएचएम घोटाले से जुड़ा एक नया मामला दर्ज किया गया था, जिसमें आरोपी का नाम सामने आया था। फिलहाल सभी मामलों में साक्ष्य संकलन और पूछताछ की प्रक्रिया जारी है।
विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की गहन जांच चल रही है और अन्य संबंधित पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।