राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र बुधवार को राज्यपाल हरिभाऊ बागडे के अभिभाषण के साथ आरंभ हुआ। अपने संबोधन में उन्होंने जल संरक्षण, निवेश को बढ़ावा, ग्रामीण उन्नति, कृषि, रोजगार सृजन, ऊर्जा विकास, युवा सशक्तिकरण और नई तकनीकों को राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया।
जल सुरक्षा और सिंचाई पर जोर
राज्यपाल ने बताया कि यमुना जल को राजस्थान तक लाने की परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट अब अंतिम चरण में है। साथ ही इंदिरा गांधी नहर के आधुनिकीकरण पर अब तक करीब 2,800 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। नहर से जुड़ी अन्य सिंचाई योजनाओं पर भी तेजी से काम आगे बढ़ रहा है।
निवेश और उद्योगों में तेजी
उन्होंने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था और उद्योग-अनुकूल नीतियों के चलते राजस्थान निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बन रहा है। ‘राइजिंग राजस्थान’ निवेश सम्मेलन का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने बताया कि इसमें लगभग 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए हैं, जिनमें से करीब 8 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर कार्य शुरू हो चुका है।
ग्रामीण विकास और रोजगार
राज्यपाल ने कहा कि समृद्ध गांव ही विकसित राजस्थान की नींव हैं। ग्राम स्वराज की सोच को आगे बढ़ाते हुए सरकार ‘विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन (VB-GRAM G)’ के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी समितियों द्वारा साल में 125 दिन रोजगार उपलब्ध करा रही है। उन्होंने बताया कि दुग्ध उत्पादन में राजस्थान देश में दूसरे स्थान पर है।
किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में 22 जिलों में दो-दो ब्लॉकों में दिनकालीन बिजली आपूर्ति की जा रही है। कुसुम योजना के तहत राज्य अग्रणी भूमिका निभा रहा है, जिससे किसान सौर ऊर्जा उत्पादन कर अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं।
सामाजिक सुरक्षा योजनाएं
राज्यपाल ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत अब तक 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक की सहायता वितरित की जा चुकी है। वहीं ‘गिव अप’ अभियान के तहत लगभग 35 लाख सक्षम लोगों ने स्वेच्छा से राशन सुविधा छोड़ी, जिससे जरूरतमंदों को लाभ मिल सका।
युवा, खेल और भर्ती
उन्होंने कहा कि सरकार ने एक लाख भर्तियों का कैलेंडर जारी किया है और नई युवा नीति लागू की गई है। ‘खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स’ से राज्य में खेलों को नई पहचान मिली है। हाल ही में बिहार में आयोजित खेलो इंडिया प्रतियोगिता में राजस्थान के खिलाड़ियों ने 24 स्वर्ण सहित कुल 60 पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन किया।
ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और नई तकनीक
राज्यपाल ने बताया कि प्रदेश की पहली रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल परियोजना पर अब तक 63,500 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हो चुके हैं और सरकार इसे शीघ्र शुरू करने के लिए प्रतिबद्ध है। घरेलू गैस पाइपलाइन विस्तार के लिए नई कंपनी बनाई गई है और अप्रैल से दिसंबर के बीच 53 हजार से अधिक नए गैस कनेक्शन जारी किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि राजस्थान ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नीति लागू कर दी है और आने वाले समय में राज्य एआई के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।