आयुर्वेद कंपाउंडर की भर्ती देख रहे युवक ने तनाव में आने के बाद आत्महत्या कर ली। मौत से पहले लिखे सुसाइड नोट में उसने अपनी मौत का जिम्मेदार पूर्व सीएम सहित सरकार के मंत्रियों को बताया है।
मृतक नमो नारायण मीणा ने नोट में लिखा, वसुंधरा राजे सरकार ने आयुर्वेदिक कंपाउंडर की 1460 भर्तियां निकाली, लेकिन भर्ती नहीं कराई। चिकित्सा मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने कोशिश की, लेकिन पूर्व सीएम वसुंधरा ने उन्हें दबा दिया गया। वे ही मेरे तनाव में जाने और मौत का कारण हैं। मृतक ने सीएम गहलोत से माता-पिता और मौसी के परिवार की आर्थिक सहायता करने की गुहार भी लगाई है।
कई दिन से छोड़ दिया था खाना
मृतक के पिता भंवर सिंह मीणा निवासी नकदपुरा गांव ने बताया कि नमो नारायण 5 भाइयों में सबसे बड़ा था। उसने आयुर्वेद कंपाउंडर का कोर्स किया था और वह लगातार भर्तियां देख रहा था। उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उसे कर्ज लेकर पढ़ा रहा था, इस कारण नौकरी न लगने से परेशान था। 2 महीने पहले एनआरएचएम और पटवारी परीक्षा देने के बाद भी उसको नौकरी नहीं मिली थी। इस कारण वह तनाव में आ गया और खाना-पीना भी छोड़ दिया था। उसके साथ रहने वाले साथियों ने बुधवार को तबीयत खराब होने की जानकारी दी तो हम उसे गांव ले लाए, यहां उसकी मौत हो गई।
मौसी-मौसा को भी मानता था माता पिता
सुसाइड नोट में युवक ने सीएम से अपनी मौसी कमर पति और मौसा बनवारी मीणा को भी आर्थिक सहायता देने का आग्रह किया है। उसके ताऊ प्रेम सिंह ने बताया कि उसके मौसी-मौसा की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। चार बेटियां होने पर दोनों ने नारायण को ही बेटा मान लिया था।