मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अटल सभागार में गुरुवार को पर्यटन विभाग ने बेड एंड ब्रेकफास्ट (होम स्टे) नीति के बारे में विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि अब आम लोग अपने घर के एक से छह खाली कमरों को पर्यटन विभाग में पंजीकृत कराकर होम स्टे के रूप में संचालित कर सकते हैं।
स्थानीय रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा
अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना और पर्यटकों को सस्ती एवं सुविधाजनक आवास सेवा उपलब्ध कराना है। इससे शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में आने वाले पर्यटकों को होटल के विकल्प मिलेंगे, और मकान मालिकों की अतिरिक्त आय भी बढ़ेगी। कुछ शहरवासियों ने अपने मकानों को पहले ही होम स्टे के रूप में पंजीकृत करा लिया है।
होम स्टे कामर्शियल नहीं, कोई अतिरिक्त कर नहीं
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी दीपिका सिंह ने बताया कि यह होम स्टे कामर्शियल श्रेणी में नहीं आएगा, इसलिए मकान मालिकों को कोई अतिरिक्त गृहकर, बिजली या अन्य कर नहीं देना होगा। होम स्टे बनने के बाद कर वही रहेगा जो पहले से अपने घर के लिए दे रहे हैं।
आवेदन और नियम
- केवल एक से छह कमरे वाले मकान होम स्टे के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- यदि किसी के पास सात या अधिक कमरे हैं, तो उनका आवेदन होटल श्रेणी में आ जाएगा और स्वीकार नहीं होगा।
- होम स्टे का नाम किसी होटल के नाम से न रखा जाए।
आवेदन प्रक्रिया
- इच्छुक लोग यूपी टूरिज्म की वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
- वेबसाइट पर स्टेप बाय स्टेप फॉर्म भरा जाएगा, जिसमें मकान का बैनामा और फोटो अपलोड करना अनिवार्य है।
- इसके बाद डीएम की अध्यक्षता वाली समिति होम स्टे का दौरा करेगी और दस्तावेजों की जांच करेगी।
- होम स्टे में कैमरे लगाना और दमकल विभाग से एनओसी लेना अनिवार्य है।
पंजीकरण शुल्क और श्रेणियां
होम स्टे के लिए तीन श्रेणियां तय की गई हैं:
- गोल्ड श्रेणी: 3,000 रुपये – वाईफाई, एसी रूम और पूरी सुविधा के साथ।
- सिल्वर श्रेणी: 2,000 रुपये – सामान्य सुविधाओं वाला।
- ग्रामीण क्षेत्र: 100 रुपये – केवल बेड, कुर्सी और मेज।
किराया और संचालन
- ग्रामीण क्षेत्र में होम स्टे मालिक किराया स्वयं तय कर सकते हैं।
- दीपिका सिंह ने बुलंदशहर के एक होम स्टे का उदाहरण पेश किया, जो 10 एकड़ में 6 कमरों के साथ गोल्ड श्रेणी में आता है और यहां देसी भोजन उपलब्ध कराया जाता है।
स्टाफ और प्रशिक्षण
- यदि कोई होम स्टे मालिक अपने स्टाफ (रसोइया, वेटर, सफाई कर्मचारी आदि) को रखना चाहता है, तो उन्हें कांशीराम पर्यटन संस्थान लखनऊ में मुफ्त प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- होम स्टे का प्रचार-प्रसार पर्यटन विभाग द्वारा किया जाएगा।
- स्टाफ प्रशिक्षण न लेना हो तो मालिक अपने स्टाफ को स्वयं रख सकते हैं।