जयपुर। राजस्थान विधानसभा के शून्यकाल में मंगलवार को गैंगस्टर नेटवर्क और डिब्बा कॉलिंग के जरिए नागरिकों को धमकाने का मुद्दा गरमाया। विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा जैसे अपराधी जेल के अंदर से या विदेश से अपने नेटवर्क का संचालन कर रहे हैं।
भाटी ने आरोप लगाया कि इंटरनेट कॉलिंग और डिब्बा कॉलिंग के माध्यम से बड़े व्यापारी, छोटे दुकानदार और आम लोग भी धमकियों का शिकार हो रहे हैं। कई लोग डर की वजह से पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराते, जिससे अपराधियों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं। कांग्रेस विधायक विकास चौधरी ने इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव पेश करने की कोशिश की, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने इसे अनुमति नहीं दी।
“संरक्षण देने वाले नेक्सस को तोड़ना होगा”
भाटी ने कहा कि कई मामलों में एफआईआर तक दर्ज नहीं हुई हैं और केवल कुछ सिपाहियों को घर के बाहर तैनात करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि गैंगस्टरों को संरक्षण देने वाले नेटवर्क को तोड़ना बेहद जरूरी है। उन्होंने संपत्तियों की जब्ती, नाबालिगों को अपराध में धकेलने वाले समूहों पर कार्रवाई और बिहार, मुंबई व उत्तर प्रदेश जैसी संगठित मुहिम चलाने की भी मांग की।
सरकार ने कार्रवाई का दावा किया
गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि सरकार इस मामले में गंभीर है और ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स के तहत 2024 में 36,484 टीमों का गठन कर 1,23,936 स्थानों पर कार्रवाई की गई। 2025 में भी ये अभियान जारी है। मंत्री ने उल्लेख किया कि 50,000 रुपये के इनामी अमरजीत बिश्नोई को इटली से गिरफ्तार किया गया। सुधा कंवर और आदित्य जैन सोनी को भी विदेश से गिरफ्तार कराया गया, जबकि अमित शर्मा उर्फ जय पंडित और जगजीत सिंह जग्गा के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई की गई।
विपक्ष के सवाल और अध्यक्ष की टिप्पणी
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पूछा कि सरकार ने ठोस कदम के तौर पर क्या किया है। मंत्री ने विस्तृत आंकड़े पेश किए। विधानसभा अध्यक्ष वसुदेव देवनानी ने कहा कि सदस्य यदि नियमों के अनुसार प्रस्ताव लाते हैं, तो इस विषय पर आधे घंटे की विशेष चर्चा संभव है।