अलवर: अलवर के ग्रामीण क्षेत्र सोदानपुरा गांव के पास सिलीसेढ़ रोड पर एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जब फ्रांस से आए विदेशी पर्यटक खेत में काम कर रहे किसानों के साथ मिलकर काम करने लगे। इस दृश्य ने वहां मौजूद लोगों के लिए खास उत्साह और सकारात्मक संदेश छोड़ा।

किसान चेतराम गुर्जर के साथ पर्यटकों ने किया काम

किसान चेतराम गुर्जर अपने खेत में थ्रेसर मशीन से गेहूं निकाल रहे थे। इसी दौरान सिलीसेढ़ घूमने आए विदेशी पर्यटकों की नजर खेत में चल रहे काम पर पड़ी। उन्होंने मेहनत को करीब से देखने की इच्छा जताई और थ्रेसर में गेहूं के पूले डालने में किसानों की मदद की।

पर्यटकों ने कैमरे में कैद किए अनुभव

विदेशी पर्यटकों ने खेत में काम करने का अनुभव अपने कैमरे में भी कैद किया। उनके लिए यह ग्रामीण जीवन और खेती-किसानी को नजदीक से जानने का नया अनुभव रहा, जिसे उन्होंने उत्साहपूर्वक साझा किया।

ग्रामीणों में उत्साह और सराहना

स्थानीय निवासी निहाल सिंह ने बताया कि मौसम को देखते हुए किसान इस समय तेजी से गेहूं की कटाई में लगे हैं। ऐसे समय में विदेशी पर्यटकों का किसानों के साथ काम करना गांव वालों के लिए खुशी और प्रेरणा का विषय बन गया। ग्रामीणों ने इस सहयोग और आपसी समझ की जमकर सराहना की।

किसान-पर्यटक मिलन का संदेश

यह अनोखा अनुभव गांव में एक सकारात्मक माहौल बना गया और किसानों तथा पर्यटकों के बीच सहयोग और सांस्कृतिक जुड़ाव का उदाहरण प्रस्तुत किया। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि साझा प्रयास और सम्मान किसी भी संस्कृति और भाषा की दीवारों को पार कर सकता है।