बस्ती जिले के परशुरामपुर थाना क्षेत्र के यरता गांव में शुक्रवार की रात उस समय तनाव की स्थिति बन गई जब एक अनुसूचित जाति की युवती से विवाह करने के लिए मुस्लिम समुदाय का युवक बरात लेकर पहुंचा। अंतरधार्मिक विवाह की खबर फैलते ही गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
कई वर्षों से चल रहा था परिचय
स्थानीय सूत्रों के अनुसार युवती और गोंडा जिले के पटखौली निवासी युवक की पहचान करीब चार से पाँच वर्ष पहले हुई थी। दोनों के बीच लंबा संपर्क रहा और आपसी सहमति से विवाह का निर्णय लिया गया। तय कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार शाम दूल्हा अपने 15–20 बरातियों के साथ यरता गांव पहुंचा, जहाँ खाने-पीने की भी व्यवस्था की गई थी।
गैर-संप्रदाय के बरातियों को देख बढ़ा विरोध
बरात में दूसरे समुदाय के लोगों की मौजूदगी की सूचना गांव में तेजी से फैल गई। इसी बीच किसी ने मामले की जानकारी विश्व हिंदू महासंघ के सदस्यों को दे दी। संगठन के कार्यकर्ता महेश हिंदुस्थानी, साहब पाठक, संजय पांडेय और अन्य लोग मौके पर पहुंचे और विवाह का विरोध शुरू कर दिया।
पुलिस ने संभाली स्थिति, दोनों को लिया हिरासत में
विवाद की सूचना मिलते ही परशुरामपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक भानु प्रताप सिंह पुलिस बल के साथ स्थल पर पहुंचे। पुलिस ने दूल्हे और बरातियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। थानाध्यक्ष के अनुसार दोनों पक्षों से बातचीत की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी पुष्टि हुई है कि युवक और युवती दोनों ही बालिग हैं।