अमेठी के पीपरपुर थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह उस समय बड़ा हादसा टल गया जब अयोध्या-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलती उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बस में अचानक आग लग गई। यह घटना दुर्गापुर चौराहे के पास करीब साढ़े आठ बजे हुई। बस सुल्तानपुर से प्रयागराज की ओर जा रही थी।

जानकारी के अनुसार बस में कुल 42 यात्री सवार थे, जिनमें 15 महिलाएं और 27 पुरुष शामिल थे। दुर्गापुर पहुंचने से लगभग एक किलोमीटर पहले बस के अगले हिस्से में इंजन की ओर से धुआं उठता दिखाई दिया। चालक मुहम्मद अनीस ने तुरंत स्थिति को संभालने की कोशिश की और पानी डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन धुआं और आग की लपटें तेजी से बढ़ने लगीं।

हालात बिगड़ते देख बस में अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों में चीख-पुकार शुरू हो गई। चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए दुर्गापुर चौराहे के पास हाईवे के बीच बस रोककर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते सभी यात्री बस से उतर गए, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

बस में सवार यात्रियों ने बताया कि आग लगने के बाद कुछ ही पलों में स्थिति बेहद डरावनी हो गई थी। एक यात्री मंजू ने बताया कि जल्दबाजी में उनका मोबाइल फोन बस में ही छूट गया, जबकि एक अन्य यात्री सबिता ने कहा कि आग की लपटें देखकर उन्हें अपनी जान का डर लगने लगा था।

परिचालक रविकांत तिवारी के अनुसार शुरुआती जांच में आग लगने की वजह तेल की पाइपलाइन में खराबी (लीकेज/जाम) मानी जा रही है। उन्होंने बताया कि सभी यात्रियों को सुरक्षित दूसरी बस से उनके गंतव्य की ओर रवाना कर दिया गया है।

घटना के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबा जाम लग गया, जिससे करीब एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। बस के पूरी तरह जलने के बाद उसे क्रेन की मदद से सड़क किनारे हटाया गया, जिसके बाद आवागमन बहाल हो सका।

वहीं स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि घटना के समय दुर्गापुर चौराहे पर तैनात पुलिस पिकेट के जवान मौके पर मौजूद नहीं थे। सूचना देने के बाद भी पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम देर से पहुंची, तब तक आग काफी हद तक बुझ चुकी थी।

प्रभारी निरीक्षक अरुण मिश्रा ने बताया कि बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं और क्षतिग्रस्त वाहन को हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस पिकेट की अनुपस्थिति की जांच की जाएगी।