यूपी पंचायत चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम पंचायतों के नाम परिवर्तन को लेकर एक और अहम निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने हरदोई और फिरोजाबाद जिलों की दो ग्राम पंचायतों के नाम बदलने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। इस फैसले की जानकारी सरकार की ओर से आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से साझा की गई।
सरकारी पोस्ट के अनुसार, फिरोजाबाद जिले की तहसील और विकासखंड शिकोहाबाद अंतर्गत ग्राम पंचायत वासुदेवमई के गांव उरमुरा किरार का नाम बदलकर अब हरिनगर कर दिया गया है। वहीं हरदोई जिले के भरावन विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत हाजीपुर को नया नाम सियारामपुर दिया गया है।
अप्रैल में ही हो गया था प्रस्ताव पास
हरदोई की ग्राम पंचायत हाजीपुर का नाम बदलने का प्रस्ताव पिछले वर्ष अप्रैल में जिला पंचायत की बैठक में रखा गया था। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी मिली थी। प्रस्ताव ग्राम प्रधान गुज्जोदेवी की ओर से रखा गया था, जिसमें गांव की सामाजिक संरचना का हवाला देते हुए नाम परिवर्तन की मांग की गई थी। बैठक में बताया गया था कि 209 परिवारों और 1118 की आबादी वाले इस गांव के निवासियों की लंबे समय से यही मांग रही है। इसके बाद प्रस्ताव को आगे की कार्रवाई के लिए शासन स्तर पर भेजा गया था।
हरदोई जिले का नाम बदलने पर भी चल रही प्रक्रिया
इसी बीच एक माह पहले हरदोई जिले का नाम बदलने से जुड़ा प्रस्ताव भी सामने आया था। जिलाधिकारी कार्यालय ने हरदोई को ‘प्रहलाद नगरी’ नाम देने के सुझाव पर जनप्रतिनिधियों से राय मांगी थी। यह प्रक्रिया प्रहलाद नगरी जन कल्याण समिति के आग्रह पर शुरू की गई थी। जिलाधिकारी अनुनय झा ने सांसदों, विधायकों और जिला पंचायत अध्यक्ष से इस विषय पर अपने विचार साझा करने को कहा था, ताकि संयुक्त सुझाव शासन को भेजे जा सकें।
राजधानी लखनऊ की पहचान को भी दिया जा रहा नया स्वरूप
प्रदेश सरकार सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने की दिशा में राजधानी लखनऊ में भी बड़े स्तर पर तैयारी कर रही है। लखनऊ में प्रवेश करने वाले प्रमुख मार्गों पर सात भव्य प्रवेश द्वार बनाए जाने की योजना पर काम शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शहरी विकास एवं आवास विभाग की बैठक में इस परियोजना को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी में प्रवेश करते ही लोगों को उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, आस्था और सभ्यता की झलक मिलनी चाहिए। इसी उद्देश्य से पारंपरिक भारतीय वास्तुकला और शिल्प को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रस्तावित प्रवेश द्वारों में प्रयागराज मार्ग पर संगम द्वार, वाराणसी मार्ग पर नंदी-गंगा द्वार, अयोध्या मार्ग पर सूर्य द्वार, सीतापुर रोड पर व्यास द्वार, हरदोई रोड पर धर्म द्वार, आगरा रोड पर कृष्ण द्वार और उन्नाव रोड पर शौर्य द्वार शामिल हैं। प्रत्येक द्वार उस मार्ग से जुड़े धार्मिक, पौराणिक या ऐतिहासिक महत्व को दर्शाएगा।