अमेठी जिले में टांडा–बांदा हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां एक पल में छीन लीं। एक वैवाहिक कार्यक्रम से लौट रहे तीन दोस्तों की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। रिश्ते में चाचा-भतीजा अंकित और अर्जुन के साथ उनके दोस्त करन इस हादसे में जान गंवा बैठे। शुक्रवार को तीनों गांवों में गमगीन माहौल रहा और एक साथ उठी तीन अर्थियों ने हर किसी को भावुक कर दिया।
सुल्तानपुर जिले के अंकारीपुर घसीटू का पुरवा गांव में सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटने लगी थी। जैसे ही अंकित और अर्जुन के शव गांव पहुंचे, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मां, बहनें और रिश्तेदार बार-बार यही कहते रहे कि कुछ घंटे पहले जो युवक हंसते-खेलते घर से निकले थे, वे अब कभी वापस नहीं लौटेंगे। पूरे गांव में मातम का माहौल छा गया और लोग परिवारों को ढांढस बंधाते नजर आए।
वहीं पूरब दुआरा गांव में करन की मौत की खबर से सन्नाटा पसर गया। घर के बाहर जुटी भीड़ और परिजनों की चीख-पुकार ने माहौल को और भारी कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद करन का शव पूरब दुआरा गांव तथा अंकित और अर्जुन का शव अंकारीपुर घसीटू का पुरवा पहुंचा, जिसके बाद देर शाम तीनों का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
मांओं का दर्द, टूटे परिवार
करन की मां किस्मता बेटे को याद कर बार-बार बेसुध होती रहीं और यही कहती रहीं कि “अभी आ रहा हूं कहकर गया था, अब कहां चला गया मेरा बेटा।” उनकी पुकार सुनकर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। परिवार के लोग उन्हें संभालने की कोशिश करते रहे, लेकिन बेटे की याद उन्हें बार-बार तोड़ देती थी।
अंकित की मां चंद्रावती भी गहरे सदमे में थीं। वे बार-बार यही कहती रहीं कि उन्होंने बेटे को रात में बाहर जाने से रोका था, लेकिन वह दोस्तों के साथ निकल गया। अर्जुन की मां सरोज की हालत भी बेहद खराब रही और वे होश में आते ही बेटे को पुकारने लगती थीं। तीनों परिवारों में बहनों, भाइयों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
हमेशा साथ रहने वाले दोस्त, एक हादसे ने तोड़ दिया सब कुछ
ग्रामीणों के अनुसार, तीनों दोस्त हर समय साथ ही रहते थे—चाहे कोई काम हो या घूमना-फिरना। किसी ने नहीं सोचा था कि यह साथ एक दर्दनाक हादसे में हमेशा के लिए टूट जाएगा और तीन घरों के चिराग बुझ जाएंगे।
लापरवाही और ट्रिपलिंग पर सवाल
स्थानीय लोगों के अनुसार, बाइक पर ट्रिपलिंग और तेज रफ्तार इस तरह के हादसों की बड़ी वजह बन रही है। पूर्व परिवहन कर्मी रामशिरोमणि ने कहा कि यातायात नियमों की अनदेखी और लापरवाही सड़क दुर्घटनाओं को बढ़ावा देती है।
यातायात सुरक्षा के लिए अपील
- बाइक पर दो से अधिक सवारी न करें
- हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें
- तेज रफ्तार और गलत दिशा में वाहन चलाने से बचें
- ओवरटेक करते समय सावधानी रखें
- मोबाइल का उपयोग करते हुए वाहन न चलाएं
मुख्यमंत्री ने जताया शोक
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है।