लखनऊ। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा योजना) को अब केवल ऋण वितरण की योजना तक सीमित नहीं रखा जाएगा। सरकार ने तय किया है कि योजना से जुड़े 50 हजार युवाओं का इम्पैक्ट असेसमेंट कराया जाएगा, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इससे रोजगार सृजन, स्वरोजगार और युवाओं की आय में कितना वास्तविक बदलाव आया है। यह जानकारी शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में हुई समीक्षा बैठक में सामने आई।
मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस महत्वाकांक्षी योजना के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले अब तक 72 प्रतिशत प्रगति हासिल हो चुकी है, जो संतोषजनक है, लेकिन बचे हुए लक्ष्य को तय समय सीमा में पूरा करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि इम्पैक्ट असेसमेंट के जरिए यह आकलन किया जाएगा कि कितने नए रोजगार पैदा हुए, कितने युवा सफल उद्यमी बने और उनकी आर्थिक स्थिति में क्या सुधार आया।
महिलाओं की भागीदारी और जिलों की जिम्मेदारी पर जोर
अवनीश अवस्थी ने जिलाधिकारियों को योजना की नियमित समीक्षा करने के साथ-साथ महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने पश्चिमांचल के जिलों में मंत्री स्तर की बैठकों के जरिए लक्ष्यपूर्ति की रफ्तार बढ़ाने पर भी जोर दिया। साथ ही खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के संकेत दिए गए।
बैठक में अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने लाभार्थियों के पारदर्शी चयन, बेहतर प्रशिक्षण व्यवस्था और व्यावहारिक परियोजनाओं को प्राथमिकता देने की बात कही। वहीं मिशन निदेशक ने बताया कि अब तक लगभग डेढ़ लाख युवाओं को ऋण उपलब्ध कराया जा चुका है और 15 मार्च 2026 तक शेष लक्ष्य पूरा करने की योजना बनाई गई है। योजना की अगली समीक्षा 2026-27 की शुरुआत में प्रस्तावित है।