मुजफ्फरनगर। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में संचालित सभी ईंट-भट्ठों के लिए 30 जून का दिन इस सत्र का अंतिम संचालन दिवस तय किया गया है। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) के निर्देशों के अनुसार निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद 1 जुलाई से जिले में किसी भी भट्ठे का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में ADM (वित्त एवं राजस्व) अनिरुद्ध प्रताप सिंह पहले ही जिले के सभी भट्ठा संचालकों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर चुके हैं। बैठक में बताया गया था कि इस वर्ष ईंट-भट्ठों के संचालन की अनुमति 1 मार्च से 30 जून 2026 तक ही मान्य है, जिसके बाद सभी इकाइयों को अनिवार्य रूप से बंद करना होगा।

प्रशासन ने केवल संचालन रोकने के निर्देश ही नहीं दिए हैं, बल्कि पर्यावरण और सुरक्षा को देखते हुए खनन स्थलों को सुरक्षित करने पर भी जोर दिया है। अधिकारियों ने कहा है कि जहां भी मिट्टी खनन के कारण गड्ढे बने हैं, उन्हें समय रहते भरना जरूरी है। मानसून के आगमन को देखते हुए इन गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित भट्ठा मालिक की होगी।
इसके अलावा भट्ठा संचालकों को निर्देश दिया गया है कि वर्षा ऋतु के दौरान अपने खनन क्षेत्रों की नियमित निगरानी करें ताकि किसी भी स्थान पर जलभराव या खतरे की स्थिति उत्पन्न न हो।
गौरतलब है कि एनजीटी के आदेशों के तहत दिल्ली-एनसीआर में हर वर्ष प्रदूषण नियंत्रण और मौसमीय परिस्थितियों को देखते हुए ईंट-भट्ठों के संचालन की अवधि सीमित रखी जाती है। इस बार भी प्रशासन नियमों के पालन को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है।

अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि तय समय के बाद संचालन करते पाए जाने वाले किसी भी भट्ठा मालिक पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही आज शाम के बाद मुजफ्फरनगर सहित पूरे एनसीआर क्षेत्र में ईंट-भट्ठों की चिमनियां इस सत्र के लिए शांत हो जाएंगी।