बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने ईद-उल-अज़हा के मौके पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि यह पवित्र पर्व त्याग, समर्पण और भाईचारे का संदेश देता है, जो समाज में एकता और इंसानियत को मजबूत करता है।

मायावती ने कहा कि बसपा के शासनकाल में प्रदेश में सभी वर्गों के लिए विकास, शांति और समृद्धि का वातावरण रहा है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी हमेशा से ही सर्वसमाज के हित को ध्यान में रखकर कार्य करती रही है और आगे भी उसी दिशा में काम करती रहेगी।

अपने संदेश में उन्होंने मौजूदा राजनीतिक माहौल पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि आज जब समाज में विभाजन और नफरत की राजनीति बढ़ रही है, ऐसे समय में ईद-उल-अज़हा का संदेश और अधिक प्रासंगिक हो जाता है।

उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान में हर नागरिक को समान अधिकार दिए गए हैं, चाहे उसका धर्म या जाति कोई भी हो। देश की एकता और अखंडता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

मायावती ने आगे कहा कि वह उस राजनीति के विरोध में हैं जो समाज को धर्म और जाति के आधार पर बांटती है। भारत की ताकत उसकी विविधता में है, और इसे बनाए रखना ही सच्ची देशभक्ति है।