उत्तर प्रदेश में रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल पर अगले छह महीनों के लिए पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इस संबंध में बुधवार को अपर मुख्य सचिव अर्चना अग्रवाल की ओर से आदेश जारी किया गया। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि रोडवेज बस सेवाएं आवश्यक सेवाओं की श्रेणी में आती हैं, इसलिए किसी भी प्रकार की हड़ताल या कार्य बहिष्कार की अनुमति नहीं होगी।
सरकारी निर्देश के अनुसार, अब रोडवेजकर्मी लंबित मांगों या किसी अन्य कारण से भी हड़ताल नहीं कर सकेंगे। प्रशासन ने इसे यात्रियों की सुविधा और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए जरूरी कदम बताया है।
बकरीद को लेकर विशेष तैयारियां
ईद-उल-अजहा (बकरीद) के मौके पर परिवहन निगम ने यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और सुगम यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने अधिकारियों को सभी बसों की तत्काल जांच और तकनीकी खामियों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि सभी बसें पूरी तरह फिट और सड़क पर चलने योग्य स्थिति में हों, ताकि त्योहार के दौरान यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो।
बस अड्डों और सेवाओं में सुधार के निर्देश
मंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि बस अड्डों पर यात्रियों के लिए पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल और साफ-सुथरे शौचालय सुनिश्चित किए जाएं। सफाई व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए शौचालयों के आसपास चूने का छिड़काव नियमित रूप से किया जाए।
इसके अलावा बसों का तकनीकी निरीक्षण करते हुए यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि खिड़कियों के शीशे टूटे न हों और सीटें सुरक्षित एवं साफ-सुथरी हों। सभी बसों का संचालन व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से किया जाए।
अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि चालक, परिचालक और अन्य स्टाफ यात्रियों के साथ शालीन व्यवहार करें और हर यात्री को सम्मानपूर्वक गंतव्य तक पहुंचाया जाए। बसों में ज्वलनशील पदार्थों और प्रतिबंधित वस्तुओं के परिवहन पर पूरी तरह रोक लगाने के भी आदेश दिए गए हैं।