बीएचयू (BHU) के विज्ञान संस्थान स्थित डालमिया हॉस्टल में मेस के खाने में मरी हुई छिपकली मिलने का मामला सामने आने के बाद परिसर में हड़कंप मच गया। घटना के बाद छात्रों ने मेस प्रबंधन के खिलाफ जमकर विरोध जताया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

सूचना मिलते ही प्रॉक्टोरियल बोर्ड की कई टीमें और वाहन हॉस्टल परिसर में पहुंच गए। बताया जा रहा है कि घटना के समय करीब 25 से 30 छात्र भोजन कर चुके थे। कुछ छात्रों ने अस्वस्थ महसूस करने की शिकायत की, जबकि कुछ ने उल्टी जैसी स्थिति होने की बात कही।

छात्रों को पहुंचाया गया स्वास्थ्य केंद्र

स्थिति को देखते हुए हॉस्टल प्रशासन ने एंबुलेंस बुलवाई। हालांकि इससे पहले कई छात्रों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया जा चुका था, जहां डॉक्टरों ने उनकी जांच की और दवा देकर निगरानी में रखा।

छात्रों के विरोध के बाद प्रशासन ने एहतियातन डालमिया हॉस्टल के मेस और कैंटीन को अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लिया। मौके पर एडमिन वार्डेन प्रो. राजीव भाटला, वार्डेन डॉ. राघव मिश्रा और डॉ. समरेंद्र सिंह पहुंचे और छात्रों को शांत कराने का प्रयास किया।

छात्रों के गंभीर आरोप

छात्रों ने वार्डेन को ज्ञापन सौंपते हुए मेस व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि कैंटीन और मेस का संचालन एक ही व्यक्ति द्वारा किया जा रहा है, जिससे भोजन की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।

छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि वेज और नॉन-वेज खाना एक ही तेल में तैयार किया जाता है और बर्तनों की सफाई ठीक से नहीं होती। इसके अलावा हॉस्टल परिसर की साफ-सफाई, खासकर टॉयलेट की स्थिति पर भी नाराजगी जताई गई।

पानी और अन्य सुविधाओं पर भी सवाल

छात्रों ने पेयजल व्यवस्था को लेकर भी कई समस्याएं उठाईं। इस पर वार्डेन ने सफाई देते हुए कहा कि वाटर कूलर की कोई गंभीर कमी नहीं है, लेकिन नीचे रखा एक कूलर तोड़ दिए जाने के कारण उसे मेस के अंदर शिफ्ट करना पड़ा।

प्रशासन ने छात्रों को आश्वासन दिया है कि अन्य सभी समस्याओं की जांच कर जल्द समाधान किया जाएगा और व्यवस्था को सुधारने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।