बागपत: नगर पालिका परिसर में शनिवार को आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के बकाया मानदेय को लेकर तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। धरने पर बैठे सभासद संजय रुहेला और नगर पालिका के कार्यकारी अधिकारी केके भड़ाना के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इस दौरान दोनों के बीच अभद्र संवाद भी हुआ, जबकि चेयरपर्सन राजुद्दीन केवल मौन रहे।

कर्मचारियों और सभासदों का आरोप था कि तीन महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण उन्हें गंभीर आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धरने में शामिल संजय रुहेला ने चेतावनी दी कि यदि आज बकाया वेतन जारी नहीं किया गया, तो शहर में पानी की आपूर्ति को अगले दिन रोक दिया जाएगा।

ईओ केके भड़ाना धरनास्थल पर पहुंचे और सभासद रुहेला से तीखे लहजे में बातचीत की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के वेतन बिल पर उन्होंने हस्ताक्षर कर दिए हैं, लेकिन इसे अंतिम मंजूरी चेयरपर्सन के हस्ताक्षर के बाद ही खाते में भेजा जा सकेगा। उन्होंने सभासद पर काम में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए कहा, "यह तेरे बाप का ऑफिस नहीं है।"

चेयरपर्सन राजुद्दीन घटनास्थल पर मौन रहे और मामला पुलिस की मौजूदगी में शांत कराया गया। इसके बाद सभासद और कर्मचारी फिर से धरने पर बैठ गए, बकाया वेतन की तुरंत मांग करते हुए।