बागपत जिले के दोघट क्षेत्र के तमेलागढ़ी गांव में एक खाली पड़े भूखंड पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और प्रतिमा स्थापित करने का कार्य रुकवा दिया। इस दौरान भीम आर्मी के कुछ कार्यकर्ताओं ने विरोध जताते हुए हंगामा किया। बाद में गांव के लोगों ने आपसी सहमति से प्रतिमा को हटा दिया।
बताया गया कि गांव के बीच स्थित एक खाली प्लॉट पर प्रतिमा स्थापित की जा रही थी। इसी बीच दिल्ली में रहने वाली प्रतिमा नामक महिला ने पुलिस को शिकायत दी और उस जमीन पर अपना दावा किया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद प्रतिमा लगाने का काम रोक दिया गया। हालांकि मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने उस जमीन को ग्राम पंचायत की संपत्ति बताते हुए प्रतिमा लगाने का समर्थन किया। इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बहस और विवाद चलता रहा।
हंगामे के दौरान पुलिस ने भीम आर्मी के दो कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया। शुक्रवार शाम को जब दोबारा प्रतिमा लगाने की कोशिश की गई तो पुलिस फिर से मौके पर पहुंच गई। पुलिसकर्मियों ने ग्राम प्रधान राजीव कुमार, आशीष आंबेडकर और अन्य ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाया।
इसके बाद माहौल शांत हो गया और ग्रामीणों ने आपसी सहमति से खुद ही प्रतिमा हटा ली। जांच अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि जिस जमीन पर प्रतिमा लगाने का प्रयास किया जा रहा था, वह विवादित बताई जा रही है और मामला अदालत में विचाराधीन है। उन्होंने बताया कि दोनों युवकों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है।