बरेली में जीएसटी विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा ने बुधवार को रहबर फूड्स मीट फैक्टरी पर छापेमारी की। दोपहर तीन बजे कैंट स्थित फैक्टरी पर पहुंची टीम में लगभग 27 अधिकारियों और 20 पुलिसकर्मी शामिल थे। फैक्टरी में प्रवेश करते ही गेट बंद करवा दिए गए और कर्मचारियों के मोबाइल फोन को बंद कराया गया, जिसके बाद जांच की प्रक्रिया शुरू हुई।
रहबर फूड्स फैक्टरी मुंबई के कारोबारी फिरोज शेख की बताई जा रही है, जबकि संभल के इमरान को भी इसके पार्टनर के रूप में जाना जाता है। छापेमारी के दौरान टीम ने फैक्टरी परिसर को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लिया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी, ताकि जांच में किसी प्रकार का रुकावट न आए। सबसे पहले लेखा विभाग से लेन-देन संबंधी दस्तावेज अपने कब्जे में लिए गए।
वित्तीय अनियमितताओं की आशंका
सूत्रों के मुताबिक, टीम फैक्टरी के पशु कटान के आंकड़ों और बिक्री से जुड़े रजिस्टर व कंप्यूटर डेटा को खंगाल रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, कुछ डेटा रजिस्टर में दर्ज हैं, जबकि कुछ इलेक्ट्रॉनिक रूप में कंप्यूटर में रिकॉर्ड किए गए हैं।
जीएसटी अधिकारियों को शक है कि फैक्टरी के उत्पादन, बिक्री और टैक्स रिटर्न के आंकड़ों में बड़े स्तर पर हेराफेरी हुई है। टीम स्टॉक रजिस्टर, बिल, इनवॉइस और जीएसटी रिटर्न का विस्तार से निरीक्षण कर रही है ताकि संभावित राजस्व हानि का सही अनुमान लगाया जा सके।
मीट कारोबारियों में खलबली
सूत्रों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब इस कारोबारी समूह पर कार्रवाई हुई हो। लगभग दो महीने पहले आयकर विभाग ने संभल और बरेली में इनके ठिकानों पर छापेमारी की थी। तब मिले इनपुट और अधूरी कड़ियों को जोड़ने के लिए अब यह व्यापक जांच की जा रही है।
रहबर फूड्स का कारोबार मुंबई से लेकर प्रदेश के कई जिलों तक फैला हुआ बताया जाता है। टीम बैंक खातों, लेन-देन और संदिग्ध ट्रांजेक्शन की भी पड़ताल कर रही है, जिससे धन के दुरुपयोग या डायवर्जन की संभावना का पता लगाया जा सके।
जांच के दौरान बरेली के डिप्टी कमिश्नर अनिरुद्ध सिंह और अधिकारी रोहित मालवीय भी मौजूद रहे। कार्रवाई देर रात तक जारी रही।