बरेली। भीम आर्मी (भारत एकता मिशन) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को जिला प्रशासन के समक्ष प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी के साथ कलक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित सात बिंदुओं वाला ज्ञापन एसडीएम रत्निका श्रीवास्तव को सौंपा।

ज्ञापन में निलंबित PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री के खिलाफ कठोर कार्रवाई, बर्खास्तगी और उनकी संपत्ति की जांच की मांग की गई। भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष महेंद्र पाल सागर, मंडल उपाध्यक्ष आकाश सागर, दिनेश सागर, महेश कठेरिया, और बृजेश कुमार ने आरोप लगाया कि अग्निहोत्री ने प्रशासनिक पद का दुरुपयोग करते हुए जाति आधारित गतिविधियों में भाग लिया।

आरोप और मांगें
पदाधिकारियों का कहना है कि अग्निहोत्री के कार्यकाल में ब्राह्मण समाज की एकजुटता और संगठनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा दिया गया। उनके कथित कार्यों के कारण प्रशासनिक निष्पक्षता प्रभावित हुई और यूजीसी 2026 के दौरान उत्पन्न माहौल को देखते हुए तत्काल बर्खास्तगी आवश्यक है।

भीम आर्मी ने बताया कि अधिकारी ने सरकारी कार्यालय को निजी कार्यालय की तरह इस्तेमाल किया और व्हाट्सएप समूह और सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से जाति आधारित नेटवर्क तैयार किया। ये गतिविधियां संवैधानिक पद पर आसीन अधिकारी द्वारा प्रशासनिक नियम और निष्पक्षता का उल्लंघन बताती हैं।

उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग
पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि अलंकार अग्निहोत्री के खिलाफ तत्काल विभागीय जांच शुरू की जाए और उनके कार्यकाल के दौरान की गई जाति आधारित और समाज विभाजनकारी गतिविधियों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो उन्हें सरकारी सेवा से बर्खास्त किया जाए और भविष्य में किसी भी सार्वजनिक पद के लिए अयोग्य घोषित किया जाए। इसके अलावा उनकी संपत्ति की भी जांच की जाए।