चंडीगढ़/नालागढ़। पंजाब पुलिस ने हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ पुलिस स्टेशन में हुए ब्लास्ट से जुड़े मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। जांच में पाकिस्तान-आईएसआई समर्थित बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKआई) से जुड़े एक नार्को-टेरर मॉड्यूल का खुलासा हुआ है और इसके दो सदस्य गिरफ्तार किए गए हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान और बरामदगी
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बताया कि यह कार्रवाई हिमाचल प्रदेश पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शमशेर सिंह उर्फ शेरू उर्फ कमल और प्रदीप सिंह उर्फ दीपू के रूप में हुई है, दोनों नवांशहर के राहों इलाके के निवासी हैं। उनके कब्जे से इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) भी बरामद किया गया।

जांच में सामने आया है कि ये दोनों आरोपियों गुरप्रीत उर्फ गोपी नवांशहरिया और BKआई के मास्टरमाइंड हरविंदर रिंदा के सहयोगी शुशांत चोपड़ा के आदेश पर काम कर रहे थे।

घटना की योजना और तारीखें
शुरुआती जांच में पता चला कि 31 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार आरोपियों ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर पंजाब से हिमाचल प्रदेश में IED पहुंचाया था। इस उपकरण का इस्तेमाल 1 जनवरी 2026 को नालागढ़ पुलिस स्टेशन में धमाका करने के लिए योजना के तहत किया गया।

जांच और फॉलो-अप कार्रवाई
एसएसपी नवांशहर तुषार गुप्ता ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले की जांच के दौरान आरोपियों का रोल सामने आया। गिरफ्तार आरोपियों के बताए ठिकानों से IED बरामद किया गया, जिससे उनकी आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्तता की पुष्टि हुई। पुलिस टीम अब उनके दो अन्य साथियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है।

कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट, एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट, यूएपीए और भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। जांच अभी जारी है और पुलिस सभी फॉलो-अप कार्रवाई में सक्रिय है।