लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के शिक्षकों के लिए बड़ी सौगात दी गई। अब 11.92 लाख से अधिक शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइयों को राज्य कर्मचारियों की तरह ही कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। यह योजना आयुष्मान भारत के तहत लागू की जाएगी और इसके क्रियान्वयन में लगभग 358.61 करोड़ रुपये का व्यय होगा।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी जाएगी। इसके तहत 2,97,579 कर्मचारी लाभान्वित होंगे और इसके लिए 89.25 करोड़ रुपये का व्यय होगा। ध्यान रहे कि जो कर्मचारी पहले से किसी सरकारी स्वास्थ्य योजना जैसे आयुष्मान योजना के तहत कवर हैं, उन्हें इस सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते वर्ष शिक्षक दिवस पर इस योजना की घोषणा की थी। कैबिनेट बैठक में कुल 32 प्रस्तावों में से 30 मंजूर किए गए, जबकि 14वां और 17वां प्रस्ताव रोका गया।
बैठक में लिए गए अन्य महत्वपूर्ण फैसले:
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शहरी पुनर्विकास नीति 2026 को मंजूरी दी गई।
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नक्शा पास करने की प्रक्रिया सरल की जाएगी और विकास शुल्क के संशोधित प्राइस लागू किए जाएंगे।
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बरेली और मुरादाबाद में विज्ञान पार्क और नक्षत्रशाला की स्थापना होगी।
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आपदा प्रभावित परिवारों का पुनर्वास: बहराइच और अन्य प्रभावित जिलों के परिवारों को सरकारी आवास और खेती के लिए भूमि का पट्टा दिया जाएगा। 29 लोगों के नदी पार करने के दौरान निधन होने के बाद प्रभावित गांव का हवाई संरक्षण कर पुनर्वास कराया गया। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 136 परिवारों को आवास और खेती के लिए भूमि पट्टे दिए जाएंगे।
इस फैसले से न केवल शिक्षकों को स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी, बल्कि राज्य के शहरी और ग्रामीण विकास के क्षेत्रों में भी व्यापक सुधार की दिशा में कदम बढ़ेंगे।