कालागढ़: कालागढ़ स्टील ब्रिज के पास अफजलगढ़ बैराज में रामगंगा नदी में हाथी के बच्चे का शव बहकर आया। उप प्रभागीय वन अधिकारी अनामिका बुक्करवाल ने बताया कि शव के सभी अंग सुरक्षित हैं और इसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

सोमवार सुबह शव कार्बेट टाइगर रिजर्व के जंगलों से होकर बहते हुए स्टील ब्रिज के पास अफजलगढ़ बैराज में पहुंचा। कालागढ़ टाइगर रिजर्व के गश्ती दल के वन दरोगा पवन कुमार कश्यप, सौरभ सिंह, दिनेश गुसाई, मुकेश, दिलबाग सिंह और जगत ने उच्च अधिकारियों को घटना की सूचना दी।

वन क्षेत्राधिकारी राजेंद्र चकरायत और उप प्रभागीय वन अधिकारी मौके पर पहुंचे और रस्सियों की मदद से शव को नदी से तट तक लाया। पोस्टमार्टम के लिए कार्बेट टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्साधिकारी को भी सूचना दी गई और चिकित्सा दल मौके पर रवाना हो गया।

कालागढ़ का जंगल है हाथियों का गलियारा

कार्बेट और कालागढ़ टाइगर रिजर्व का जंगल एशियाई हाथियों के विचरण का प्रमुख गलियारा है। यमुना, गंगा और रामगंगा नदी की घाटियों में हाथियों के झुंड अक्सर घूमते रहते हैं। इन झुंडों में छोटे बच्चे भी शामिल होते हैं, जो सर्दी या बरसात के दौरान पानी में गिरकर अलग हो सकते हैं। समूह से बिछड़ने पर पानी से बाहर न निकल पाने की वजह से उनकी मृत्यु हो जाती है।

शव के अंग सुरक्षित, कारण की होगी जांच

अनामिका बुक्करवाल ने कहा कि प्राथमिक जांच से प्रतीत होता है कि हाथी का बच्चा अपने झुंड से बिछड़ गया था। शव की पूंछ और छोटे दांत सुरक्षित पाए गए हैं। हाथियों के झुंड रामगंगा नदी को तैरकर पार करते हैं और वनों में ऐसी घटनाएं उनके संरक्षण और समृद्धि की झलक भी देती हैं। मृत्यु के कारण और डीएनए परीक्षण के लिए शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा।