बिजनौर। स्योहारा पुलिस ने अवैध हथियार रखने के मामले में मुरादाबाद के छजलैट क्षेत्र के एक चिकित्सक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी डॉक्टर ने हथियार तस्करी से जुड़े गिरोह के सदस्य से करीब 40 हजार रुपये में पिस्टल खरीदी थी। गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार हाल ही में नगीना, धामपुर और स्योहारा थानों की संयुक्त टीम ने अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ अभियान चलाकर आठ आरोपियों को पकड़ा था। जांच में सामने आया कि अमरोहा जिले के नौगांवा क्षेत्र की नई बस्ती निवासी आरिफ इस गिरोह का सरगना है, जो अवैध रूप से तमंचे और पिस्टल बनाने का काम करता था। गिरोह से जुड़े मुरादाबाद के कांठ थाना क्षेत्र के उमरी कला गांव के शमीम उर्फ माइकल उर्फ मुन्ना को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, जो हथियारों की खरीद-फरोख्त में शामिल था।

पूछताछ के दौरान माइकल ने खुलासा किया कि उसने आरिफ से एक पिस्टल खरीदकर मुरादाबाद के छजलैट-कांठ रोड क्षेत्र में रहने वाले एक डॉक्टर को बेच दी थी। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मंगलवार को डॉ. परवेज मलिक पुत्र मोहम्मद आकिल को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में उसके पास से एक अवैध पिस्टल और कारतूस बरामद हुए।

पुलिस का कहना है कि डॉ. परवेज मलिक ने चीन से एमबीबीएस की पढ़ाई की है और छजलैट इलाके में अपना अस्पताल चलाते हैं, जहां वह प्रबंध निदेशक के रूप में भी कार्यरत हैं। सीओ धामपुर अभय कुमार पांडेय के मुताबिक डॉक्टर के पास कोई लाइसेंसी हथियार नहीं था, इसलिए उसने सुरक्षा के लिए यह अवैध पिस्टल खरीदी थी। मामले में आगे की जांच जारी है।