उत्तर प्रदेश में भाजपा संगठन में संभावित बदलाव की चर्चाओं के बीच पार्टी ने 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में प्रदेश संगठन महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने चुनावी रणनीति को लेकर कमान संभालते हुए अवध क्षेत्र के जिला अध्यक्षों, जिला प्रभारियों और मंडल प्रशिक्षण प्रमुखों के साथ अहम बैठकें कीं। इन बैठकों में संगठनात्मक तैयारियों की समीक्षा के साथ आगामी चुनाव के लिए रणनीतिक चर्चा भी की गई।

राजधानी के सर्वोदय नगर में आयोजित दो अलग-अलग बैठकों में धर्मपाल सिंह ने संगठन के विभिन्न स्तरों—बूथ, शक्ति केंद्र, मंडल और जिला—पर चल रही तैयारियों का आकलन किया। उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से तय की जाएं और कार्यकर्ता पूरी प्रतिबद्धता के साथ चुनावी तैयारियों में जुटें।

बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन को अभी से पूर्व योजना और पूर्ण तैयारी के साथ काम करना होगा। जिला अध्यक्षों और जिला प्रभारियों से उन्होंने कहा कि बूथ से लेकर जिला स्तर तक मजबूत संगठनात्मक ढांचा तैयार किया जाए, ताकि चुनाव में प्रभावी रणनीति के साथ मैदान में उतरा जा सके।

धर्मपाल सिंह ने यह भी कहा कि पार्टी के हर कार्यकर्ता को उसकी क्षमता और योग्यता के अनुसार जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से विपक्ष द्वारा फैलाए जाने वाले भ्रम, झूठ और साजिशों का मजबूती से जवाब देने का आह्वान करते हुए 2027 में बड़ी जीत का लक्ष्य तय करने की बात कही।

बैठक का दूसरा सत्र पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान को लेकर आयोजित किया गया। इस दौरान धर्मपाल सिंह ने कहा कि भाजपा एक कार्यकर्ता आधारित पार्टी है, जहां प्रशिक्षण के माध्यम से अनुशासित और सक्षम नेतृत्व तैयार किया जाता है। उन्होंने मंडल स्तर पर आयोजित प्रशिक्षण वर्गों में सांसद, विधायक सहित सभी जनप्रतिनिधियों और पार्टी पदाधिकारियों को रात्रि प्रवास करने का भी सुझाव दिया।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखा जाए। इनका उद्देश्य वैचारिक रूप से मजबूत, अनुशासित और मेहनती नेतृत्व तैयार करना होना चाहिए, जिससे संगठन और अधिक सशक्त बन सके।