नई दिल्ली: सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बुधवार को संसद में कहा कि सरकार समर्थित कोआपरेटिव टैक्सी सेवा भारत टैक्सी अभी अपने शुरुआती दौर में है और उसे कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इनमें प्रमुख चुनौती ओला और उबर जैसे स्थापित निजी टैक्सी प्लेटफॉर्म्स से मुकाबला करना है।
राज्यसभा में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में अमित शाह ने लिखित बयान दिया कि इस नए प्लेटफॉर्म को सफल बनाने के लिए कल्याण, प्रशिक्षण, जागरूकता और बेहतर उपयोगकर्ता अनुभव के साथ-साथ ई-गवर्नेंस टूल्स का इस्तेमाल किया जा रहा है।
सहकारिता मंत्री ने बताया कि भारत टैक्सी बहुराज्य सहकारी समिति अधिनियम, 2002 के तहत पंजीकृत है। इसे आठ राष्ट्रीय स्तर की सहकारी समितियों द्वारा 6 जून 2025 को स्थापित किया गया था और 5 फरवरी 2026 को औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया। इसके बाद से यह प्लेटफॉर्म तेजी से बढ़ा है और 23 मार्च तक लगभग 4.31 लाख ड्राइवर-पार्टनर इससे जुड़ चुके हैं।
मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि भारत टैक्सी सुरक्षित, भरोसेमंद और सभी के लिए सुलभ सेवा बने, जिससे टैक्सी सेवा में प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ यात्रियों और ड्राइवरों दोनों के हित सुनिश्चित हों।