सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही के तकनीकी इस्तीफा मामले पर बयान देते हुए कहा कि भाजपा सरकार में कुशल और मेहनती अधिकारियों की कोई कद्र नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार में तो उनकी पूछ वही है जो निवेश तक में प्रवेश शुल्क वसूलते हैं।

अखिलेश यादव ने अधिकारियों से अपील की कि वे भावुकता में आकर कोई भी निर्णय न लें। उन्होंने कहा कि "बुरे दिन जल्द ही पीछे रह जाएंगे। जब पीडीए सरकार सत्ता में आएगी, तो सभी को उनके योग्य स्थान, मान-सम्मान और अवसर मिलेंगे। पीडीए की सरकार जनता की सरकार होगी और विकास के कामों में असमानताओं को दूर करने पर फोकस करेगी।"

सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि गुणवत्ता पूर्ण काम और समय सीमा के भीतर योजनाओं को पूरा करने के लिए हमेशा सक्षम अधिकारियों की जरूरत होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके शासनकाल में हमेशा योग्य अधिकारियों की कद्र की गई है और आगे भी की जाएगी।

अखिलेश ने कहा कि पीड़ित अधिकारी और कर्मचारी भाजपा सरकार की नीतियों से परेशान हैं और इसलिए पीडीए के साथ खड़े हैं। उनका मानना है कि पीड़ित वर्ग की बढ़ती संख्या पीडीए के बढ़ते प्रभाव का कारण है। उन्होंने कहा, "जो पीड़ित हैं, वही पीडीए के साथ हैं। पीड़ा बढ़ रही है, इसलिए पीडीए भी मजबूत हो रहा है।"