लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस ने कभी डॉ. भीमराव आंबेडकर को भारत रत्न से सम्मानित नहीं किया, और अब वह कांशीराम को भारत रत्न देने का दावा कर रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस की दलित विरोधी मानसिकता के कारण ही बसपा का निर्माण करना पड़ा था।

दरअसल, हाल ही में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक कार्यक्रम में कहा था कि अगर जवाहरलाल नेहरू आज जीवित होते तो कांशीराम कांग्रेस के मुख्यमंत्री होते। इस अवसर पर कांशीराम को भारत रत्न देने का प्रस्ताव भी पेश किया गया था। इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए मायावती ने कहा कि कांग्रेस ने जब कांशीराम का निधन हुआ तब राष्ट्रीय शोक तक घोषित नहीं किया और अब उनके नाम का केवल राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रही है।

मायावती ने कहा कि कई राजनीतिक दल और संगठन बसपा को कमजोर करने के लिए कांशीराम के नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने अपने समर्थकों से सतर्क रहने की अपील की और बताया कि 15 मार्च को कांशीराम की जयंती पर बसपा पूरे देश में कार्यक्रम आयोजित करेगी।

बसपा प्रमुख ने यह भी कहा कि कांशीराम ने दलित, पिछड़े और वंचित समाज को संगठित कर उन्हें राजनीतिक शक्ति दी। हालांकि, आज भी कई दल संकीर्ण राजनीति के कारण उनके विचारों को कमजोर करने की कोशिश में लगे हैं। मायावती ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर आरोप लगाया कि बहुजन समाज के मुद्दों पर भरोसेमंद साबित नहीं हुईं और संवैधानिक आरक्षण जैसी व्यवस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास किया।

कांशीराम की जयंती को लेकर अब सभी दल सक्रिय हो गए हैं। बसपा ने लखनऊ में जनसभा का आयोजन किया है, जबकि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने अलग-अलग जिलों में कार्यक्रम घोषित किए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह भागीदारी केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि दलित वोटबैंक को साधने की रणनीति है। उत्तर प्रदेश में दलित आबादी लगभग 21 प्रतिशत है और अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित 85 विधानसभा सीटें चुनावी नतीजों को तय करने में महत्वपूर्ण हैं।

सपा के छात्र नेता मनोज पासवान का कहना है कि कांशीराम ने हमेशा दलित और पिछड़ों को सत्ता में हिस्सेदारी दिलाने का मार्ग सुझाया था, और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव इसी दृष्टि से काम कर रहे हैं। वहीं कांग्रेस का दावा है कि वह हमेशा दलित समुदाय के साथ रही है और अब कांशीराम के विचारों को जनता तक पहुँचाने का प्रयास कर रही है।