बुलंदशहर के जहांगीराबाद नगर में प्रशासनिक लापरवाही का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक जीवित बुजुर्ग को सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्ज कर उनकी वृद्धा पेंशन रोक दी गई। पेंशन बंद होने के बाद पीड़ित परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा है।
नगर के वार्ड नंबर 14, मोहल्ला रोगनग्रान (विवेकानंद चौक) निवासी करीब 70 वर्षीय रामकुमार पुत्र स्वर्गीय कृपाल ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर बताया कि उन्हें सरकारी दस्तावेजों में मृत दिखा दिया गया है, जबकि वह पूरी तरह जीवित और स्वस्थ हैं। उन्होंने कहा कि वे अपने परिवार का भरण-पोषण ठेले पर टिक्की और समोसे बेचकर करते हैं।
रामकुमार के अनुसार, कई महीनों से उनकी वृद्धा पेंशन बंद है। जब वह मामले की जानकारी लेने विकास भवन पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि रिकॉर्ड में उनकी मृत्यु दर्ज है। यह सुनकर वह स्तब्ध रह गए।
उन्होंने अपने जीवित होने के प्रमाण स्वरूप आधार कार्ड और अन्य पहचान दस्तावेज भी अधिकारियों को प्रस्तुत किए, लेकिन अब तक पेंशन बहाल नहीं की गई है। पीड़ित का आरोप है कि नगर पालिका के एक कर्मचारी की लापरवाही के कारण उन्हें गंभीर आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित ने जिलाधिकारी से जांच कर दोषियों पर कार्रवाई और पेंशन तत्काल बहाल करने की मांग की है। वहीं स्थानीय सभासद अंजलि सिसोदिया ने भी इस गलती पर सवाल उठाते हुए पूरी जांच की मांग की है।
अधिकारियों ने कहा है कि मामले की जांच कराई जा रही है और यदि रिकॉर्ड में त्रुटि पाई जाती है तो उसे तुरंत सुधारकर पेंशन बहाल कर दी जाएगी।