राम मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले वीआईपी और विशिष्ट पासधारकों के लिए सोमवार से नई दर्शन व्यवस्था लागू कर दी गई है। इसके तहत अब सुगम और विशेष पासधारक केवल रामलला और राम दरबार तक ही सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि परिसर के परकोटा स्थित छह अन्य मंदिरों में भी एक ही मार्ग से दर्शन कर सकेंगे। इससे श्रद्धालुओं को अधिक सुव्यवस्थित और विस्तृत दर्शन सुविधा मिलने लगी है।

सिंह द्वार के पास से विशेष लेन की व्यवस्था

नई प्रणाली के तहत सिंह द्वार के ठीक बगल से वीआईपी पासधारकों के लिए एक अलग विशेष लेन बनाई गई है। इस लेन के जरिए श्रद्धालु सीधे राम दरबार तक पहुंचेंगे और वहां दर्शन के बाद रामलला के दरबार में भी हाजिरी लगाएंगे।

इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए नया मार्ग निर्धारित किया गया है, जिसके तहत उत्तरी सीढ़ी से नीचे उतरते समय क्यू मैनेजर की व्यवस्था की गई है ताकि भीड़ नियंत्रण में रहे।

छह मंदिरों में क्रमवार दर्शन की सुविधा

इस नए रूट के अनुसार श्रद्धालु सबसे पहले शिव मंदिर में दर्शन करेंगे। इसके बाद बेसमेंट मार्ग से होते हुए वे गणेश मंदिर, हनुमान मंदिर, सूर्य मंदिर, दुर्गा मंदिर और अन्नपूर्णा मंदिर में क्रमवार दर्शन करते हुए पूर्वी गेट से बाहर निकलेंगे।

एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे ने बताया कि फिलहाल यह व्यवस्था परकोटा के छह मंदिरों तक ही सीमित है और इसे ट्रायल के तौर पर लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो आने वाले दिनों में परिसर के सभी उप मंदिरों में वीआईपी दर्शन की सुविधा विस्तार की जाएगी।

15 नए पुजारियों की तैनाती

मंदिर परिसर में बढ़ती पूजा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए 15 नए पुजारियों की नियुक्ति की गई है। प्रशासन के अनुसार उप मंदिरों में नियमित पूजन, आरती और दर्शन व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

सूत्रों के मुताबिक भविष्य में लगभग 50 और पुजारियों की नियुक्ति की योजना है। इसके लिए चयन प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है और परीक्षा भी संपन्न हो गई है। जल्द ही नई नियुक्तियों की आधिकारिक घोषणा की जा सकती है।