राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में संभावित सुरक्षा खतरे को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाना पुलिस की विशेष टीम द्वारा की गई, जिसमें सूर्या अग्रवाल और निखिल यादव को हिरासत में लिया गया है।
संदिग्ध कार से पकड़े गए आरोपी
पुलिस के अनुसार, एसआई धर्मवीर, हेड कांस्टेबल रामकेश और लल्लू की टीम को इंस्पेक्टर मनोज भाटिया और एसीपी अजय कुमार शर्मा के नेतृत्व में तैनात किया गया था। इसी दौरान 5 अप्रैल की शाम करीब 5 बजे एक संदिग्ध एमजी हेक्टर कार को रोका गया, जो बिना नंबर प्लेट के चल रही थी और उसकी खिड़कियों पर काली फिल्म लगी हुई थी।
वाहन पर ‘न्यायाधीश उत्तर प्रदेश सरकार’ का स्टीकर भी चिपका हुआ पाया गया।
तलाशी में हथियार और कारतूस बरामद
जांच के दौरान निखिल यादव के पास से एक पिस्टल और चार जिंदा कारतूस मिले, जबकि सूर्या अग्रवाल के पास से पांच जिंदा कारतूस बरामद किए गए। कार में तीसरा व्यक्ति दिव्यांशु यादव भी मौजूद था।
फर्जी पहचान और दस्तावेजों का खुलासा
पुलिस जांच में सामने आया कि सूर्या अग्रवाल खुद को उत्तर प्रदेश का सिविल जज बताकर पहचान छुपा रहा था। उसने एक कथित फर्जी न्यायिक पहचान पत्र और हथियार ले जाने की अनुमति का नकली दस्तावेज भी दिखाया। हालांकि उसके पास उत्तर प्रदेश से जारी शस्त्र लाइसेंस था, जो दिल्ली में मान्य नहीं पाया गया।
पूछताछ में उसने खुद को पेशे से वकील बताया है।
मामला दर्ज, जांच जारी
पुलिस ने आरोपियों के पास से एक पिस्टल, कुल नौ जिंदा कारतूस, बिना नंबर प्लेट की कार, फर्जी पहचान पत्र और फर्जी अनुमति दस्तावेज बरामद किए हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ संसद मार्ग थाने में बीएनएस और आर्म्स एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।