लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसेवा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और प्रदेश की 25 करोड़ जनता के कल्याण के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

आर्थिक तंगी से जूझ रही महिला को मिला आश्वासन

बरेली की रहने वाली दीप्ति भी अपनी समस्या लेकर जनता दर्शन में पहुंचीं। उन्होंने बताया कि वह किराए के मकान में रहकर ठेला लगाकर परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण बच्चों की देखभाल और जीवनयापन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने उनकी बात गंभीरता से सुनते हुए बरेली के जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि महिला को ‘पीएम स्वनिधि योजना’ से जोड़कर तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जाए। सीएम की संवेदनशीलता से प्रभावित होकर महिला भावुक हो गईं और उन्होंने आभार जताते हुए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।

आवास की मांग पर सीएम ने दिए निर्देश

कार्यक्रम में कई लोगों ने आवास से जुड़ी समस्याएं भी रखीं। इस पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार हर पात्र नागरिक को प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है।

उन्होंने संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि आवेदनों की जांच कर पात्र लोगों को जल्द से जल्द योजना का लाभ दिलाया जाए।

इलाज, शिक्षा और अवैध कब्जों पर सख्त निर्देश

कुछ लोगों ने इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग की, जिस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल अनुमान (एस्टिमेट) तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए और कहा कि इलाज की चिंता सरकार करेगी, परिजन केवल मरीज की देखभाल करें।

वहीं, बच्चों की शिक्षा से जुड़ी समस्याओं पर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि किसी भी बच्चे की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए। संबंधित अधिकारियों को कहा गया कि स्कूल प्रबंधन से समन्वय कर बच्चों की शिक्षा जारी रखी जाए।

इसके साथ ही अवैध कब्जों और पुलिस से जुड़े मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने लापरवाही पर नाराजगी जताई और तत्काल कार्रवाई कर पीड़ितों को न्याय सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।