स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए ऊर्जा विभाग ने नया नियम लागू करने का निर्णय लिया है। अब स्मार्ट प्रीपेड मीटर का बैलेंस शून्य होने पर भी तुरंत बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। उपभोक्ताओं को तीन दिन या अधिकतम 200 रुपये तक की सीमा तक अतिरिक्त बिजली उपयोग की सुविधा मिलेगी। यह व्यवस्था 2 किलोवाट तक के लोड वाले उपभोक्ताओं पर लागू होगी।
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने शक्ति भवन में स्मार्ट मीटर प्रणाली की समीक्षा बैठक के दौरान यह निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि नए स्मार्ट मीटर लगाने के बाद 45 दिनों तक किसी भी उपभोक्ता का कनेक्शन नहीं काटा जाएगा।
पांच स्तरों पर मिलेगा SMS अलर्ट
ऊर्जा मंत्री ने निर्देश दिया कि उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर से जुड़ी हर स्थिति पर पांच चरणों में SMS अलर्ट भेजा जाए। इसमें बैलेंस 30 प्रतिशत होने पर पहला संदेश, 10 प्रतिशत पर दूसरा, बैलेंस समाप्त होने पर तीसरा, कनेक्शन कटने से एक दिन पहले चौथा और कटने के बाद पांचवां संदेश भेजा जाएगा।
इसके अलावा यह भी तय किया गया कि रविवार और अन्य अवकाश के दिनों में बैलेंस नकारात्मक होने पर भी बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है।
मीटर कंपनियों पर सख्ती, भुगतान रोकने के निर्देश
समीक्षा बैठक में ऊर्जा मंत्री ने स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनियों के कामकाज पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कई जगहों से शिकायतें मिल रही हैं और उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि “कंपनियां पैसा कमा रही हैं और जनता को परेशानी हो रही है, यह स्वीकार्य नहीं है।”
उन्होंने निर्देश दिया कि लापरवाही बरतने वाली मीटर कंपनियों का भुगतान रोका जाए।
फील्ड लेवल पर देरी पर सख्त रुख
मंत्री ने कई मामलों का हवाला देते हुए बताया कि उपभोक्ताओं द्वारा भुगतान करने के बाद भी घंटों तक कनेक्शन नहीं जोड़ा जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड से मिले फीडबैक पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में कनेक्शन काटने और जोड़ने का अधिकार एसडीओ और एक्सईएन स्तर पर होगा ताकि प्रक्रिया तेज हो सके।
तत्काल समाधान और निगरानी पर जोर
ऊर्जा मंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि एक्सईएन कार्यालय में ही मीटर लगाने वाली कंपनियों का सेटअप मौजूद रहे, ताकि भुगतान होते ही तुरंत कनेक्शन जोड़ा जा सके। उन्होंने ट्रांसफार्मर बदलने में देरी, ढीले तारों और स्पार्किंग जैसी समस्याओं को तुरंत ठीक करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में अपर मुख्य सचिव/कार्पोरेशन अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल, डीजी विजिलेंस जय नारायण सिंह सहित सभी डिस्कॉम के एमडी और जिलों के अधिकारी वर्चुअल रूप से शामिल हुए।