बदायूं: सिविल लाइन थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार दंपती की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों एक शादी समारोह से लौट रहे थे, तभी रास्ते में एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस के अनुसार बाइक चालक ने हेलमेट नहीं पहना हुआ था।
मृतकों की पहचान दिसौली गंज, थाना बिसौली निवासी 55 वर्षीय सचिन बाबू उर्फ विपिन शाक्य (पूर्व फौजी) और उनकी पत्नी 52 वर्षीय शकुंतला शाक्य के रूप में हुई है। दोनों एक पारिवारिक शादी में शामिल होकर बाइक से घर लौट रहे थे, तभी दादी की रसोई के पास यह हादसा हुआ। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
परिजनों के मुताबिक शकुंतला शाक्य सीएचसी सैदपुर में आशा संगिनी के पद पर कार्यरत थीं। सचिन पहले अपने ससुराल अब्दुल्ला गंज गए थे और वहां से शादी समारोह में शामिल होने के बाद वापस लौट रहे थे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक दंपती के तीन बच्चे हैं, जिनमें बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि बेटा अंकुर और छोटी बेटी इंदु सदमे में हैं। पूरे गांव में भी शोक का माहौल है।
इसी दौरान कादरचौक क्षेत्र में एक और सड़क हादसा हुआ, जिसमें दो बाइक आपस में टकरा गईं। इस हादसे में 25 वर्षीय शाने अली, निवासी फिरोजपुर (थाना दातागंज) की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। वह अपने बहनोई के घर आया हुआ था। दूसरी बाइक पर सवार ब्रजेश (निवासी कलुआनगला) गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार दोनों वाहन सवार हेलमेट नहीं पहने थे।
वहीं, कासगंज क्षेत्र में पिकअप और छोटा हाथी की टक्कर में बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में 17 लोग घायल हो गए, जिनमें ओमपाल, रामबरन, देवकुमारी, भूदेवी, सुशीला, प्रेमादेवी सहित चालक संजय शामिल हैं। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि कुछ का इलाज कादरचौक सीएचसी में जारी है।
एक अन्य घटना में ब्लॉक क्षेत्र के आजाद नगर गंगापुर में बिजली के तार टूटकर खेत में गिरने से करीब छह बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। किसान राजबाला ने बिजली और नलकूप विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद ट्रांसफार्मर और तारों को नहीं हटाया गया, जिसके चलते यह नुकसान हुआ। फसल जलने से किसान परिवार को भारी आर्थिक क्षति हुई है।