लखनऊ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी द्वारा ब्राह्मण समाज पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। इस बयान के बाद प्रदेश में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है।

बसपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने इस पूरे प्रकरण पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि सपा प्रवक्ता के बयान से समाज के एक बड़े वर्ग की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने सपा नेतृत्व से मांग की कि वह इस मामले में सार्वजनिक रूप से माफी मांगे और आत्ममंथन करे।

मायावती ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस विवाद पर चुप्पी साधे हुए है, जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान राजनीतिक माहौल में ब्राह्मण समाज सहित कई वर्गों में असंतोष देखने को मिल रहा है।

बसपा प्रमुख ने आगे कहा कि सपा प्रवक्ता की टिप्पणी न केवल आपत्तिजनक है बल्कि समाज में विभाजन पैदा करने वाली है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सपा का रवैया दलित, पिछड़े, मुस्लिम और ब्राह्मण समाज के प्रति समान नहीं रहा है।

मायावती ने अपने बयान में बसपा सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने हमेशा सर्वसमाज को साथ लेकर चलने की नीति अपनाई है और सभी वर्गों को सम्मान व प्रतिनिधित्व दिया गया है।