यूपी के बहराइच में बुधवार को सेमरहना स्थित भरथापुर के विस्थापित परिवारों से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले शासन काल में जिन 136 परिवारों के 500 लोगों की अनदेखी की गई, अब उन्हें नया जीवन और सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने इसे सेवा और संवेदना की सरकार का उदाहरण बताया और स्पष्ट किया कि अब कोई भी गरीब, दलित, पिछड़ा या जनजातीय परिवार उपेक्षित नहीं रहेगा।
सीएम योगी ने बताया कि कौडियाला सरयू नदी हादसे के बाद जब उन्होंने गांव का दौरा किया, तो स्थिति बहुत ही असुरक्षित थी। जंगल के बीच रहने वाले लोग प्राकृतिक खतरों जैसे बाघ, हाथी, तेंदुए, मगरमच्छ और सांप से लगातार डर में थे। “इन लोगों की गलती क्या थी कि उन्हें आज तक सड़क, बिजली और पक्के मकान जैसी सुविधाएं नहीं मिल पाईं?” सीएम ने सवाल उठाया।
अब इन परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास दिया जा रहा है, जहां उन्हें आवास, सड़क, बिजली और पानी जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह केवल विस्थापन नहीं, बल्कि सम्मानजनक पुनर्वास और उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत है।
जाति से ऊपर, सेवा और संवेदना के आधार पर काम करती सरकार
सीएम योगी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार किसी को जाति या संप्रदाय के आधार पर नहीं, बल्कि सेवा और संवेदना के आधार पर देखती है। इस पुनर्वास योजना में शामिल 500 लोग दलित, पिछड़े, मौर्य-कुशवाहा और जनजातीय सभी वर्गों के हैं, लेकिन सरकार के लिए ये सभी एक ही परिवार के सदस्य हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार गरीबों के उत्थान और पुनर्वास के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में भरथापुर के लोगों को सुरक्षित आवास, रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की पहल की जा रही है।
हर व्यक्ति को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का अधिकार
सीएम योगी ने कहा कि यह पहल केवल भरथापुर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में ऐसे जरूरतमंद परिवारों के लिए सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन का अधिकार सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
इस अवसर पर सीएम ने डिजिटल माध्यम से 1 करोड़ 63 लाख 30 हजार रुपये सीधे भरथापुर के ग्रामीणों के खाते में भेजे। इसके बाद वन विभाग की ओर से प्रत्येक परिवार को प्रमाणपत्र और अन्य उपहार वितरित किए गए।
पांच वन ग्रामों को मिलेगा राजस्वग्राम का दर्जा
सीएम योगी ने कहा कि कतर्नियाघाट जंगल में स्थित वन ग्राम टेड़िया, ढकिया, गोकुलपुर, बिछिया और भवानीपुर को अब राजस्वग्राम का दर्जा दिया गया है। इन गांवों की सभी मूलभूत आवश्यकताओं को दुरुस्त किया जाएगा, ताकि कोई भी ग्रामीण सुविधा से वंचित न रहे।