कोलकाता: कोलकाता हाई कोर्ट ने बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर अहम आदेश जारी किया है। न्यायालय ने निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया है कि 23 और 29 अप्रैल को होने वाले दो चरणों के मतदान में सभी मतदान केंद्रों पर पूरी सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मुख्य न्यायाधीश सुजय पाल और न्यायमूर्ति पार्थ सारथी सेन की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि मतदान के दौरान सुरक्षा के साथ-साथ मतदाताओं के लिए पीने का पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना आयोग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
यह निर्देश बंगाल भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान आया। याचिकाकर्ता ने राज्य के हर बूथ पर 100 प्रतिशत सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की थी।
हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सुरक्षा बलों की तैनाती केंद्रीय बलों की होगी या राज्य एजेंसियों की, इसका अंतिम निर्णय केवल निर्वाचन आयोग करेगा। याचिकाकर्ता को इस निर्णय में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है।
खंडपीठ ने पिछली सुनवाई में यह भी सवाल उठाया था कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और हिंसा मुक्त चुनाव सुनिश्चित करना केवल आयोग की जिम्मेदारी है या इसमें राज्य सरकार की भी समान भूमिका है।
साथ ही अदालत ने अधिकारियों और पुलिस कर्मियों के तबादलों और प्रतिनियुक्ति के खिलाफ दायर याचिकाओं पर भी संज्ञान लिया। हाई कोर्ट की यह सक्रियता दर्शाती है कि इस बार चुनाव में सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं को लेकर कोई कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।