कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने माघ मेला के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुई घटना को गंभीर मानते हुए प्रदेश सरकार से क्षमा याचना करने की मांग की है। उन्होंने इस घटना को निंदनीय बताया और कहा कि शंकराचार्य के काफिले को रोकने का मामला सनातन संस्कृति के लिए अपमानजनक है।
अजय राय ने स्वयं शंकराचार्य से फोन पर बात कर घटना का विवरण लिया और मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस महासचिव मुकुंद तिवारी और विवेकानंद पाठक कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे और संत के धरने में समर्थन जताया।
मुकुंद तिवारी ने कहा कि धर्म और अध्यात्म की नगरी में प्रशासनिक लापरवाही के कारण शंकराचार्य का सम्मान भंग हुआ है, जो पूरी संस्कृति के लिए अपमानजनक है। वहीं, कांग्रेस सांसद उज्जवल रमण सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस ने संतों और उनके सहयोगियों के बाल खींचकर उन्हें परेशान किया। उन्होंने बताया कि माघ मेला और कुंभ जैसे पवित्र आयोजनों में ऐसी घटना पहली बार हुई है।
सांसद ने केंद्र सरकार से अपील की कि इस घटना की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। महानगर कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप मिश्र अंशुमन ने भी कहा कि संत समाज के साथ यह अशोभनीय व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग की कि दोषी अधिकारियों को दंडित किया जाए और शंकराचार्य से सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना की जाए।