वाराणसी में दालमंडी क्षेत्र के चौड़ीकरण प्रोजेक्ट के तहत चल रहा ध्वस्तीकरण अभियान सोमवार को नए चरण में पहुंच गया। प्रशासन ने सुबह चौक थाना की ओर से बुलडोजर को इलाके में प्रवेश कराया, जिसके बाद मलबा हटाने और संरचनाएं गिराने का काम तेज कर दिया गया। मौके पर मजदूरों की टीम के साथ-साथ संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
अब तक हथौड़ों से की जा रही तोड़फोड़ के बाद सोमवार से भारी मशीनों का इस्तेमाल शुरू किया गया। दालमंडी की संकरी गलियों में पहले बैरिकेडिंग की गई, फिर पुलिस, प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की निगरानी में कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। सुरक्षा को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
दुकानदारों ने जताई आपत्ति
जब बुलडोजर दुकानों के सामने पहुंचा तो कुछ व्यापारियों ने विरोध दर्ज कराया और अपने-अपने भवनों के बाहर खड़े हो गए। स्थानीय दुकानदार अदनान खान ने कहा कि प्रशासन की ओर से लंबे समय से एक ही तरह के कारण बताए जा रहे हैं। उनका दावा था कि भवन का निर्माण नियमों के अनुरूप है और नक्शा स्वीकृत न होने की बात को आधार बनाकर कार्रवाई की जा रही है।
हालांकि, अधिकारियों से बातचीत के बाद स्थिति शांत हुई। अदनान खान ने कहा कि यदि ध्वस्तीकरण होना ही है तो वह स्वयं इसकी शुरुआत करेंगे। इसके बाद वह विभागीय कर्मचारियों के साथ तीसरे तल पर पहुंचे और खुद हथौड़ा चलाकर तोड़फोड़ शुरू की।
मुख्तार खान के भवन पर हुई कार्रवाई
दोपहर बाद नई सड़क की दिशा में लंगड़ा हाफिज मस्जिद के सामने स्थित मुख्तार खान के भवन को गिराने की प्रक्रिया शुरू की गई। पहले ऊपरी हिस्से को मजदूरों ने हथौड़ों से तोड़ा, इसके बाद बुलडोजर से निचले हिस्से पर कार्रवाई की गई।
इस दौरान पुलिस अधिकारी लगातार लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की हिदायत देते नजर आए। राहगीरों और मीडियाकर्मियों को भी भवन के आसपास से हटाया गया, ताकि किसी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। प्रशासन का कहना है कि चौड़ीकरण योजना के तहत यह अभियान चरणबद्ध तरीके से आगे भी जारी रहेगा।