उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कुल 278 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने तमकुहीराज और पावानगर की पावन भूमि पर आने को सौभाग्य बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के भव्य निर्माण के बाद यह उनका इस क्षेत्र का पहला दौरा है। उन्होंने इस क्षेत्र को धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह भूमि भगवान राम के पुत्र कुश से जुड़ी हुई मानी जाती है, साथ ही भगवान बुद्ध और भगवान महावीर से भी इसका गहरा संबंध है। उन्होंने कहा कि कुशीनगर जैसी धरती समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने करीब एक दशक पहले की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश में पहचान और स्वास्थ्य दोनों स्तर पर गंभीर चुनौतियां थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि तब माफियाओं का दबदबा था, जिसमें खनन और बालू माफिया सहित विभिन्न आपराधिक गिरोह सक्रिय थे, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होता था।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उस दौर में कानून-व्यवस्था की स्थिति काफी कमजोर थी और लोग भय के माहौल में जीने को मजबूर थे। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी, खासकर 25 वर्ष से कम उम्र के लोग, शायद उस समय की परिस्थितियों की कल्पना भी नहीं कर सकते।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने प्रदेश से माफिया राज को समाप्त किया है और जनहित को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि मच्छर बीमारियां फैलाते हैं और माफिया बेरोजगारी व अराजकता बढ़ाते हैं, लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि अब जब भी सरकारी नौकरियां निकलती हैं, तो कुशीनगर सहित पूरे प्रदेश के युवाओं को पारदर्शी तरीके से नियुक्ति पत्र मिल रहे हैं।
इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए फाजिलनगर का नाम बदलकर पावानगर किए जाने की बात कही, जिसे स्थानीय स्तर पर बड़ा निर्णय माना जा रहा है।