ग्रेटर नोएडा। होली के पास आते ही प्राइवेट बसों के किराए में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है। जहां सामान्य दिनों में परी चौक से लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर और अयोध्या के लिए स्लीपर बस का किराया 700 से 900 रुपये के बीच होता है, वहीं 28 फरवरी और 2 मार्च के दिन यह किराया 3,600 से 4,000 रुपये तक पहुँच गया।

किराए की मनमानी से परेशान यात्री
यात्रियों का कहना है कि त्योहारों के पास बस संचालक अपनी मनमानी कर देते हैं, क्योंकि किराए तय करने के लिए कोई स्पष्ट नियम नहीं हैं। सेक्टर अल्फा-दो निवासी अभिषेक कुमार ने बताया कि उन्होंने एक सप्ताह पहले से टिकट बुक करने की कोशिश की, लेकिन दाम सामान्य से कई गुना अधिक थे। नॉलेज पार्क के हॉस्टल में रहने वाले हर्ष ने कहा कि बुकिंग वेबसाइट्स के अनुसार, ग्रेटर नोएडा से लखनऊ का किराया औसतन 3,423 रुपये, कानपुर का 2,876 रुपये, गोरखपुर का 3,510 रुपये और प्रयागराज का 3,675 रुपये तक पहुँच गया है।

यात्रियों की परेशानी और शिकायतें
विनय कुमार ने कहा, "हर साल त्योहारों पर किराया तीन से चार गुना बढ़ जाता है। इस पर कोई लगाम लगनी चाहिए।" वहीं छात्र हरतेश तिवारी ने कहा, "सामान्य दिनों में मैं 800 रुपये में घर पहुँच जाता हूं, अब बस का किराया 3,400 से 3,800 रुपये हो गया है। छात्र इतने पैसे कैसे देंगे?" अभिषेक पटेल ने भी शिकायत की, "किराया इतना अधिक है कि मैंने होली पर घर जाने की योजना रद्द कर दी। अब त्योहार के बाद ही घर जाने के बारे में सोचूंगा।"

इस स्थिति ने स्पष्ट कर दिया है कि त्योहारों के दौरान प्राइवेट बस सेवाओं में किराए की मनमानी रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।