मुजफ्फरनगर। प्रदेश में टीबी उन्मूलन अभियान को तेज करने के लिए अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित घोष ने सभी 75 जिलों के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने टीबी की जांच बढ़ाने, मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और अभियान को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ने पर जोर दिया।

इस बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला क्षय रोग अधिकारी, आईएमए प्रतिनिधि, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी और टीबी विजेता भी शामिल हुए। मुजफ्फरनगर से सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया और जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. लोकेश गुप्ता ने भी ऑनलाइन भागीदारी की।


अपर मुख्य सचिव ने 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी जिलों में विशेष आयुष्मान आरोग्य शिविरों का आयोजन किया जाए। इन शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों की टीबी जांच सुनिश्चित की जाए और पात्र मरीजों को टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट समय पर उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक टीबी मरीज को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए, जिससे इलाज की सफलता दर में सुधार हो सके। साथ ही उन्होंने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न विभागों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाकर इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने पर बल दिया।


अमित घोष ने अधिकारियों और मरीजों से ‘टीबी मुक्त भारत’ ऐप को अधिक से अधिक डाउनलोड करने और उसमें मौजूद “खुशी” चैटबॉट का उपयोग करने की अपील की, जिससे मरीजों को इलाज और सहायता से जुड़ी जानकारी आसानी से मिल सके।

बैठक के अंत में सभी जिलों को निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने और समन्वित प्रयासों से अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए गए।