नोएडा। गर्मी की छुट्टियों के दौरान सरकारी स्कूलों में लगे स्मार्ट टीवी, प्रोजेक्टर, लैपटॉप और अन्य आईसीटी उपकरणों की सुरक्षा को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के बाद शिक्षकों के बीच चर्चा तेज हो गई है कि स्कूल बंद रहने के बावजूद प्रधानाध्यापकों पर निगरानी की अतिरिक्त जिम्मेदारी आ गई है।
बीएसए ने जारी किया आदेश
नोएडा के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) राहुल पवार ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और विद्यालय प्रधानाध्यापकों को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि स्कूलों में विभागीय योजनाओं, सीएसआर और एनजीओ के माध्यम से उपलब्ध कराए गए सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
इनमें स्मार्ट टीवी, स्मार्ट क्लासरूम सेटअप, प्रोजेक्टर, लैपटॉप, डेस्कटॉप, इन्वर्टर, बैटरी, माउस, एक्सटेंशन बोर्ड और स्पीकर जैसे उपकरण शामिल हैं।
प्रधानाध्यापकों पर जिम्मेदारी
निर्देशों के अनुसार, 20 मई से 15 जून 2026 तक घोषित ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियां बंद रहेंगी, लेकिन सभी उपकरणों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संबंधित प्रधानाध्यापक की ही होगी।
हर साल जारी होते हैं ऐसे निर्देश
बीएसए राहुल पवार के मुताबिक, यह एक नियमित प्रक्रिया है और हर साल इस तरह के निर्देश जारी किए जाते हैं। उनका कहना है कि विद्यालय परिसर और वहां मौजूद संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी है, इसलिए ताले, कमरों की सुरक्षा और परिसर की देखरेख पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
शिक्षकों की प्रतिक्रिया
कुछ शिक्षकों का कहना है कि छुट्टियों के दौरान भी स्कूल जाकर निगरानी करने की जिम्मेदारी मिलने से प्रधानाध्यापकों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है, जिससे वे खुद को चौकीदार जैसी भूमिका में महसूस कर रहे हैं।