इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सांसद अफजाल अंसारी की पत्नी फरहत अंसारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए गाजीपुर के जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि वह पांच सप्ताह के भीतर पूरे कारणों के साथ अपना आदेश जारी करें। मामला गैंगस्टर एक्ट के तहत लखनऊ स्थित उनके आवास की कुर्की से जुड़ा है।
बुधवार को जस्टिस सीडी सिंह की एकल पीठ ने इस याचिका पर सुनवाई की। फरहत अंसारी ने अदालत को बताया कि उनका लखनऊ वाला मकान वर्ष 2022 में गैंगस्टर एक्ट के तहत सीज किया गया था, जबकि बाद में गैंगस्टर कोर्ट ने उसे अपराध से अर्जित संपत्ति नहीं माना और मकान खोलने का आदेश दिया था। इसके बावजूद जिला प्रशासन ने उस आदेश का पालन नहीं किया, जिसके चलते उन्हें हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी।
याचिका में कहा गया कि 7 अप्रैल 2025 को गाजीपुर की गैंगस्टर कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि संबंधित आवास गैंगस्टर गतिविधियों से अर्जित नहीं है और जिलाधिकारी को 30 दिन के भीतर मकान को डीकुर्क कराने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद मकान अभी तक बंद ही रखा गया।
फरहत अंसारी की ओर से अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने पक्ष रखा। हाईकोर्ट ने मामले को निस्तारित करते हुए डीएम गाजीपुर को पांच सप्ताह के भीतर इस विषय में स्पष्ट और कारणयुक्त आदेश पारित करने का निर्देश दिया है।