कानपुर। उत्तर प्रदेश में मानवाधिकार आयोग ने कानपुर से जुड़े दो गंभीर मामलों का संज्ञान लिया है। इनमें एक मामला जेल भेजे गए युवक की संदिग्ध मौत का है, जबकि दूसरा 11 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या से जुड़ा है। आयोग ने दोनों घटनाओं को गंभीर मानते हुए कानपुर के पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी कर निर्धारित समय में विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

जेल भेजे गए युवक की मौत पर उठे सवाल

जानकारी के अनुसार, 10 मार्च को जूही थाना पुलिस ने चोरी के आरोप में 26 वर्षीय रंजीत को गिरफ्तार किया था। अदालत में पेशी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था।
बताया जाता है कि 11 मार्च की शाम उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। जेल प्रशासन ने पहले उसका इलाज जेल अस्पताल में कराया और बाद में उसे उर्सला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस हिरासत में रंजीत के साथ मारपीट की गई थी, जिसके कारण उसकी हालत बिगड़ी और अंततः उसकी जान चली गई। इस मामले में शिकायत मिलने के बाद मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लेते हुए पुलिस कमिश्नर को नोटिस भेजा है और 7 मई तक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।

11 साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या

दूसरा मामला बिधनू थाना क्षेत्र का है, जहां 11 मार्च को 11 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि वारदात के बाद आरोपी ने बच्ची के नग्न शव को खेत में दफना दिया था।

इस घटना को भी मानवाधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान में लिया है। आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर से पांच सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि दोनों मामलों में जांच की प्रगति और की गई कार्रवाई की पूरी जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए।