उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के भमोरा थाना क्षेत्र के सरदारनगर गांव में सोमवार को एक बड़ा हादसा हो गया। गांव में करीब एक साल पहले बनी पानी की टंकी अचानक भरभराकर गिर गई। टंकी गिरते ही तेज धमाके जैसी आवाज हुई और आसपास बैठे लोग मलबे की चपेट में आ गए। कुछ ही पलों में पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार सुनाई देने लगी।

पेड़ के नीचे बैठे लोग आए चपेट में

ग्रामीणों के अनुसार, टंकी के पास एक पेड़ के नीचे रोज की तरह लोग बैठे हुए थे। इसी दौरान अचानक टंकी हिलने लगी और देखते ही देखते पूरी संरचना नीचे आ गिरी। लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और कई लोग मलबे में दब गए।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और हाथों व फावड़ों की मदद से मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला।

सात लोग घायल, तीन की हालत गंभीर

सूचना मिलने पर पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। सभी घायलों को बरेली के सिद्धिविनायक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

इस हादसे में कुल सात लोग घायल हुए हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टरों के मुताबिक, तीन लोगों की स्थिति नाजुक बनी हुई है और लगातार निगरानी में रखा गया है।

गंभीर रूप से घायल मरीजों की स्थिति

  • रवींद्र पाल (40): सिर व पैरों में गंभीर फ्रैक्चर, हालत चिंताजनक
  • अमृत सैनी (18): घायल
  • वीर पाल (45): जबड़े और पैर में फ्रैक्चर, सिर में चोट, सांस लेने में दिक्कत
  • डोरीलाल गुप्ता (34): सिर में गंभीर चोट, बेहोशी की हालत

अन्य घायलों का भी इलाज जारी है।

ग्रामीणों में आक्रोश, लापरवाही के आरोप

हादसे के बाद गांव में दहशत के साथ गुस्सा भी देखा गया। ग्रामीणों का कहना है कि पानी की टंकी एक साल पहले बनी थी, लेकिन अब तक इसे चालू भी नहीं किया गया था। इसके बावजूद उसका गिर जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहा है।

पूर्व ग्राम प्रधान ने आरोप लगाया कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया और गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके चलते यह हादसा हुआ।

मुआवजे और जांच की मांग

घायलों के परिजनों ने प्रशासन से इलाज का पूरा खर्च उठाने और प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी उठाई गई है।

प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश देने की बात कही है। अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल प्राथमिकता घायलों के इलाज और राहत कार्यों पर है, इसके बाद टंकी गिरने के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी।