कानपुर में फर्जी बैंक खातों के जरिए करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चकेरी और जाजमऊ पुलिस की संयुक्त टीम ने यह गिरफ्तारी सोमवार को की। पकड़े गए आरोपियों की पहचान महफूज के साले महताब आलम और उसके बेटे मासूम के रूप में हुई है, जो लंबे समय से फरार चल रहे थे।
जानकारी के अनुसार, यह मामला करीब 1600 करोड़ रुपये के संदिग्ध ट्रांजैक्शन से जुड़ा हुआ है, जिसकी जांच क्राइम ब्रांच और पूर्वी जोन पुलिस कर रही है। आरोप है कि गरीब और आम लोगों के दस्तावेज लेकर उनके नाम पर बैंक खाते खोले गए और इन खातों का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर वित्तीय लेनदेन में किया गया।
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने करीब 68 बैंक खातों के जरिए पिछले ढाई साल में भारी मात्रा में लेनदेन किया। इनमें कई फर्जी फर्मों के नाम पर करोड़ों रुपये का ट्रांजैक्शन किया गया।
फर्जी फर्मों के जरिए करोड़ों का खेल
पुलिस के मुताबिक, “आरती इंटरप्राइजेज” नामक फर्म के खाते में करीब 100 करोड़ रुपये का लेनदेन सामने आया है। इसी तरह बीमा और कारोबार का झांसा देकर कई लोगों के दस्तावेज लिए गए और उनके नाम पर फर्म व बैंक खाते खोल दिए गए।
पेंटर और स्क्रैप कारोबार से जुड़े लोगों के खातों का भी इस नेटवर्क में इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। एक अन्य फर्जी फर्म “मां विंध्यवासिनी इंटरप्राइजेज” के नाम पर भी लेनदेन किया गया।
डराकर और झांसा देकर लिए गए दस्तावेज
पीड़ितों का आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें व्यापार बढ़ाने, बीमा कराने और इलाज जैसी योजनाओं का झांसा देकर दस्तावेज हासिल किए। इसके बाद उनके नाम पर खाते खुलवाकर चेकबुक और डेबिट कार्ड अपने पास रख लिए गए।
कुछ मामलों में जब लोगों ने दस्तावेज वापस मांगे तो उन्हें धमकाया गया और जबरन चेक पर हस्ताक्षर करवाए गए। एक पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी नई कार तक हड़प ली गई।
शिकायतों के बाद तेज हुई कार्रवाई
मामला सामने आने के बाद कई पीड़ितों ने चकेरी और जाजमऊ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महताब आलम और उसके बेटे मासूम को गिरफ्तार कर लिया।
डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता के अनुसार, आरोपी पिता-पुत्र ने गरीब लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उनका दुरुपयोग किया। जिनके नाम पर खाते खोले गए, उन्हें इस पूरे लेनदेन की जानकारी तक नहीं थी।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।