उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के संगठन को मजबूत करने के प्रयास के बीच ही पार्टी को बड़ा झटका लगा है। वरिष्ठ नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने अचानक कांग्रेस की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इस खबर के बाद यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय उनके घर जाकर उनसे बातचीत करने पहुंचे।
सदस्यता से इस्तीफा और राजनीतिक हलचल
मायावती सरकार में एक समय के सबसे प्रभावशाली मंत्री रहे सिद्दीकी ने शनिवार को यह कदम उठाया। उन्होंने बताया कि जिस उद्देश्य से वे कांग्रेस में शामिल हुए थे, वह अब पूरा नहीं हो पा रहा। उनका इस्तीफा पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर रहा है।
पार्टी में उनकी भूमिका
सिद्दीकी को कांग्रेस में पश्चिमी यूपी का प्रांतीय अध्यक्ष बनाया गया था और पार्टी उन्हें मुस्लिम चेहरे के रूप में आगे बढ़ा रही थी। लंबे समय तक बसपा और कांग्रेस में सक्रिय रहे सिद्दीकी ने अपने अनुभव और कद के बल पर राज्य में राजनीतिक पहचान बनाई।
अन्य नेताओं का इस्तीफा
सिद्दीकी के साथ लगभग 72 अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी कांग्रेस को अलविदा कहा है, जिनमें करीब दो दर्जन पूर्व विधायक शामिल हैं। सिद्दीकी ने पार्टी के भीतर वैचारिक घुटन और जनता के मुद्दों की लड़ाई न लड़ पाने को इस्तीफे का कारण बताया।